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1350 रुपए में मिलेगा डीएपी, 1470 में मिलेगा 12.32.16

जिले में रबी फसल की कटाई समाप्ति पर है। अब खरीफ की तैयारी में कृषि विभाग जुट गया है। इधर किसानों को भी खरीफ की तैयारी करना है।

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1350 रुपए में मिलेगा डीएपी, 1470 में मिलेगा 12.32.16

1350 रुपए में मिलेगा डीएपी, 1470 में मिलेगा 12.32.16

विदिशा. जिले में रबी फसल की कटाई समाप्ति पर है। इसी के साथ ही अब खरीफ की तैयारी में कृषि विभाग जुट गया है। इधर किसानों को भी खरीफ की तैयारी करना है। इसके लिए खाद-बीज की व्यवस्थाएं प्राइवेट एवं शासकीय तौर पर तेजी से जारी है। खासकर खाद को लेकर अग्रिम तैयारी में विभाग जुटा हुआ है। प्राइवेट दुकानों को भी पर्याप्त खाद उपलब्ध कराया जा चुका लेकिन इस बार डीएपी व 12.32.16 किसानों को महंगी पडऩे जा रही है।

जानकारी के अनुसार डीएपी पिछले साल तक 1200 में मिल रहा था, जो इस साल 1350 में दिया जाएगा। जबकि 12.32.16 की कीमत 1340 थी जो इस बार 1470 रुपए में मिलेगा। इसके अलावा यूरिया भी खरीफ की फसल में उपयोग होता है तो इसके दामों में भी वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। किसान लगातार मौसम की मार झेल रहे हैं और कभी अतिवृष्टि तो कभी ओलावृष्टि से परेशान है। इस बीच खाद के बढ़ते दामों ने उन्हें और भी रुलाना शुरू कर दिया।

खरीफ का रकबा 5 लाख से अधिक
मालूम हो कि जिले में खरीफ का रकबा 5 लाख से अधिक रहता आया है और मुख्य फसलों में सोयाबीन, धान, उड़द आदि की बोवनी किसान करते हैं। इन फसलों में यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट की आवश्यकता किसानों को रहती है। हर वर्ष खाद के लिए किसानों को भारी मशक्कत करना पड़ती है, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति न बने इसके लिए प्रशासन व कृषि विभाग पहले से ही किसानों को खाद की व्यवस्था करने के लिए अग्रिम भंडारण कर रहा है।

इसके तहत यूरिया एवं डीएपी की रैक लगवाई जा रही और इन्हें डबल लॉक एवं प्राइवेट में दिया जा रहा ताकि किसानो को हर वर्ष की तरह खाद के लिए परेशान न होना पड़े। इसके लिए करीब 1३ हजार मैट्रिक टन डीएपी की व्यवस्था की जा चुकी वहीं 4 हजार मैट्रिक टन यूरिया का भी भंडारण किया जा चुका है।

वहीं किसान एवं कांग्रेस नेता लक्ष्मणङ्क्षसह रघुवंशी का कहना है कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहती आई लेकिन डीजल, मजदूरी और अब खाद के दाम बढ़ाकर किसानों से खेती की दूरियां बढ़ाई जा रही है। कृषि संबंधी उपयोगी वस्तुओं की कीमतें इसी तरह बढ़ाई जाती रही तो किसानों को खेती करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए।

डीएपी में मूल्यवृद्धि का हर स्तर पर विरोध
राष्ट्रीय महासंघ मजदूर महासंघ के संभाग उपाध्यक्ष लाखनङ्क्षसह मीणा का कहना है कि डीएपी की मूल्य वृद्धि का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले से ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल में मूल्यवृद्धि कर किसानों को आफत में डाल रखा है और अब किसानों की पहली जरूरत खाद के दाम भी बढ़ा दिए गए। ऐसे में फसल की लागत और अधिक बढ़ जाएगी जबकि महंगाई के अनुपात में किसान की उपज के दाम नहीं बढ़ाए जाते खाद में यह मूल्य वृद्धि वापस ली जाना चाहिए नहीं तो हर स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है
डीएपी अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए किसानों को इसका भंडारण अभी से कर लेना चाहिए। इससे किसान आगामी समय में अगर डीएपी के दाम बढ़े तो किसान इस अधिक मूूल्य वृद्धि से बच सकेंगे। वहीं ऐनवक्त पर डीएपी की मांग बढऩे पर किसानों को अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़ेगा।
-पीके चौकसे, उपसंचालक कृषि विभाग

डीएपी का दाम और बढऩे के आसार
खाद-बीज विक्रेता घनश्याम बंसल के मुताबिक गत वर्ष डीएपी की प्रति बोरी कीमत 1200 रुपए थी जो इस बार 1350 रुपए प्रति बोरी हो गई है। इस तरह प्रति बोरी पर 150 रुपए दाम बढ़ गए है और यह दाम आगामी दिनों में और भी बढ़ सकते हैं। उनका कहना है कि 45 प्रतिशत डीएपी विदेश से आती है। पेट्रोकेमिकल रा-मटेरियल के दाम अधिक बढऩे से इसकी कीमतों में वृद्धि हुई है और यह दाम अभी और भी बढऩे की स्थितियां हैं। इसी तरह सुपर फास्फेट में मूल्य वृद्धि हुई है जबकि यूरिया के दाम गत वर्ष स्थिर है।

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किसानों पर 18 करोड़ का अतिरिक्त भार
इस खरीफ फसल में डीएपी पर प्रति बोरी 150 रुपए दाम बढऩे से किसानों पर गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष प्रति हेक्टेयर दो बोरी डीएपी के उपयोग में ३00 रुपए का खर्च बढ़ जाएगा। खरीफ का रकबा करीब 5 लाख हेक्टेयर होने से किसानों पर डीएपी खरीदी में करीब 18 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढऩे का अनुमान है।