
पोषण पुनर्वास केंद्र में 20 पलंग पर 24 बच्चे भर्ती
विदिशा। जिला अस्पताल परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र poshan punarvas kendra में कुपोषित बच्चों malnourished children की संख्या बढऩे लगी है। गुरुवार को इस केंद्र में 24 बच्चे 24 children भर्ती recruited मिले। मिली जानकारी के अनुसार इस केंद्र मेंं कुल 20 पलंग 20 beds है, जिनमें 24 बच्चों 24 children are being treated को भर्ती रखकर उनका उपचार किया जा रहा है। पूर्व माहों की अपेक्षा इस जून माह में सबसे अधिक कुपोषित बच्चे malnourished children भर्ती हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के अलावा विदिशा शहर के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे भी शामिल है। इन भर्ती बच्चों का वजन उनकी उम्र के हिसाब से एक किलो से डेढ़ किलो तक कम है। बच्चों के परिजनों का कहना है कि अगर ऐसा रहा तो पूरे प्रदेश में चल रहा दस्तक अभियान dastak abhiyan कैसे सफल होगा ।
38 बच्चे इस केंद्र में भर्ती हो चुके है
भर्ती बच्चों में ग्राम धमनोदा, बर्रो, चितौरिया, सुनपुरा आदि गांव के है तो वहीं विदिशा के हरिपुरा, रंगियापुरा आदि क्षेत्र केे बच्चे उपचार ले रहे। तीन माह बाद इस माह अधिक बच्चे केंद्र में पिछले तीन माह की अपेक्षा जून माह में अधिक बच्चे भर्ती हुए। मार्च में भर्ती बच्चों की संख्या 21, अप्रेल में 23, मई में 23 रही तो वहीं जून माह में अब तक 38 बच्चे इस केंद्र में भर्ती हो चुके।
दस्तक अभियान चलने से मैदानी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच रहे और इस तरह के बच्चे मिलने पर उन्हें केंद्रों में भेजा रहा। इस कारण बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों की समुचित देखभाल व उनका उपचार किया जा रहा है।
डॉ. प्रमोद मिश्रा, प्रभारी, पोषण पुनर्वास केंद्र
कलेक्टर ने अभियान के कार्य को देखा
उधर बड़वानी कलेक्टर अमित तोमर ने विकासखंड पानसेमल एवं निवाली के ग्रामीण अंचलों का दौराकर चल रहे दस्तक अभियान के कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम पानसेमल सुमेरसिंह मुजाल्दा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कीर्तिसिंह चौहान, खंड चिकित्सा अधिकारी पानसेमल डॉ. राजेश ढोले एवं निवाली खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमएस जमरे भी थे।
दस्तक अभियान का निरीक्षण किया
कलेक्टर तोमर ने सबसे पहले विखं पानसेमल के ग्राम चिखल्दा के बेड़ी फलिया पहुंचकर दस्तक अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम के गणेश दिलीप के घर पहुंचकर चल रहे दस्तक अभियान के दौरान बालक चंदू गणेश का परीक्षण अपने समक्ष कराकर देखा। साथ ही उन्होंने मौके पर एएनएम ज्योति सोलंकी के कार्यो की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रोत्साहित भी किया कि वे आगे भी इसी प्रकार कर्मठता से अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम मतराला के रामदास गोपाल के घर पहुंचकर चल रहे दस्तक अभियान को देखा एवं मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों को हिदायत दिया की सर्वे के दौरान जिन बच्चों में खून की कमी एवं जन्मजात विकृति मिल रही है। उन्हें अनिवार्य रूप से सेंधवा भेजकर समुचित उपचार कराए।
कलेक्टर ने ली बैठक
कलेक्टर ने विखं निवाली के ग्राम तलाव के गारसिया फलिया के नानसिंह भगिया के घर भी पहुंचकर चल रहे दस्तक अभियान को देखा। इस घर तक पहुंचने के लिए कलेक्टर एवं टीम के सदस्यों ने 1 किमी से अधिक दूरी पैदल ही पार की। गांव के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय में स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देशित किया कि दस्तक अभियान के दौरान चयनित खून की कमी वाले बच्चों को सेंधवा चिकित्सालय में भेजने के पूर्व वहां के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंडित से चर्चाकर लिया करें। इससे बच्चों के पहुंचने के पूर्व ही समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
Published on:
28 Jun 2019 01:06 pm
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