
कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....,कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....,कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....,कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....,कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....,कलेक्टर ने चिट्टी में लिखा- प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा जीवन का अंत नहीं ....
विदिशा. बोर्ड परीक्षाओं के प्रारंभ होते ही कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले के विद्यार्थियों के नाम एक पत्र लिखकर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है। कलेक्टर ने अपनी पत्र में लिखा है कि प्रिय विद्यार्थियो, ये परीक्षा इस बात के परीक्षण का समय है कि शिक्षण सत्र के दौरान हमने क्या सीखा। परीक्षा एक माध्यम है, जिसे हम केवल सीखने का माध्यम मानते हैं। परीक्षा जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह व्यवस्थित जीवन जीने का एक प्रयास मात्र है। अगर हमने कम नंबर भी प्राप्त किए हैं या कोई पेपर ठीक नहीं होता है तो उसमें सुधार संभव है। हम दोगुनी ऊर्जा से अपना प्रयास पुन: कर सकते हैं। पालक और शिक्षक भी विद्यार्थियों को घर में और परीक्षा केन्द्र और विद्यालयों में भी सकारात्मक माहौल प्रदान करें तथा परीक्षार्थियों को मानसिक, आत्मिक संबल प्रदान करें। कलेक्टर ने अपने पत्र के अंत में सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना भी की है।
गौरतलब है कि इससे पहले कलेक्टर सिंह ने सरपंचों के नाम भी पत्र लिखी थी जिसमें उनकी पंचायत के अधीन आने वाली शासकीय शालाओं को मॉडल स्कूल बनाने के लिए उनका सहयोग मांगा था और शिक्षा उपकर, तथा 14 वें वित्त आयोग की राशि सहित अन्य योजनाओं के मद से सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधााओं को मुहैया कराने की अपील की थी। गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने को है, ऐसे में कुछ पंचायतों में भी यह कार्य अगर हो जाता है तो ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं की सूरत भी संवरेगी और सरपंचों को भी याद किया जाएगा।
Published on:
02 Mar 2020 06:24 pm
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