
विदिशा। इस तरह डाकघर परिसर में सुबह ११ बजे तक रही लोगों की भीड़।
विदिशा। जिला मुख्यालय स्थित मुख्य डॉकघर में कर्मचारी अपनी मर्जी से आते-जाते हैं। इस कारण यहां रुपयों के लेनदेन के साथ ही अन्य कार्यों के लिए आने वाले नागरिक परेशान होते रहते हैं। सुबह 10 बजे से दफ्तर खुलने का समय नोटिस बोर्ड पर लिखा होने के बावजूद सोमवार को ११ बजे के बाद कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सियों पर पहुंचे। ऐसे में करीब एक घंटे तक नागरिक परेशान होते रहे।
सोमवार को अवकाश के बाद जैसे ही डॉकघर खुला, तो सुबह पौने दस बजे से ही नागरिक यहां पहुंचने लगे थे, कोई किश्त जमा करने जा रहा था, तो कोई रूपए निकालने, तो कोई अन्य कार्य से। लेकिन कर्मचारियों के आने का समय हो जाने के बावजूद 11 बजे तक एक भी काउंटर की कुर्सी पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था, लोग एक-दूसरे से पूछते नजर आ रहे थे। डॉकघर का हॉल नागरिकों से खचाखच भरा था, लेकिन कोई उनकी सुनवाई करने वाला नहीं था। ऐसे में नागरिक परेशान होते रहे।
दो माह से है समस्या
राकेश जैन, राजेश नेमा, संजीव जैन, अमित, नीलेश जैन और संदेश आदि ने बताया कि विगत दो माह से डॉकघर में यह समस्या बनी हुई है। सुबह 10 बजे से खुलने का समय होने के बावजूद कर्मचारी 11 के बाद ही आते हैं। वहीं शाम चार बजे तक कार्य का समय है, लेकिन तीन बजे ही काउंटर से उठकर चले जाते हैं। ऐसे में दूर-दूर से यहां आने वाले नागरिक परेशान होते हैं।
नहीं कर रहे मैच्यूरिटी
यहां डॉकघर के कई एजेंट्स ने बताया कि आरडी और टीडी आदि की मैच्यूरिटी नहीं की जा रही है। वहीं नए खाते खोलने से भी इंकार किया जाता है। इसके साथ ही समय पर नहीं खुलने के कारण यदि उपभोक्ताओं की राशि समय पर जमा नहीं हो पाती है, तो उनके अकाउंट से कटती है। नागरिकों का कहना था कि जो समय डॉकघर के खुलने और बंद होने का है, उसी समय यह खुलना और बंद होना चाहिए। जिससे यहां आने वाले नागरिक परेशान नहीं हों।
इनका कहना है
मेरे हिसाब से पूरा स्टॉफ समय पर सुबह 10 बजे आ जाता है और स्टॉफ की कमी भले हो, लेकिन पूरा काम किया जा रहा है। सोमवार को यदि 11 बजे तक स्टॉफ नहीं आया था और काउंटर खाली थे, तो इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। मैं इसे दिखवाता हूं और जो भी दोषी होगा, तो कार्रवाई की जाएगी।
- जेपी द्विवेदी, अधीक्षक, डॉकघर
Published on:
30 Apr 2019 11:11 am
बड़ी खबरें
View Allविदिशा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
