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सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष ने लिया अपनी पत्नी के नाम 73 लाख का पर्सनल लोन

तत्कालीन अध्यक्ष, सीइओ और शाखा प्रबंधक पर कार्रवाई के निर्देश

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सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष ने  लिया अपनी पत्नी के नाम 73 लाख का पर्सनल लोन

सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष ने लिया अपनी पत्नी के नाम 73 लाख का पर्सनल लोन

विदिशा. जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने अध्यक्ष रहते हुए अपनी पत्नी के नाम नियम विरुद्ध तरीके से 73 लाख 25 हजार रूपए का ऋण निकाल लिया। इस पर आपत्ति जताते हुए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक संस्थाएं भोपाल ने तत्कालीन अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा सहित बैंक के मुख्य कार्य पालन अधिकारी और मुख्य शाखा के प्रबंधक के खिलाफ अपराध दर्ज कराने और बैंक सेवा नियमों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


आयुक्त डॉ. एमके अग्रवाल ने संयुक्त आयुक्त सहकारिता को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा के अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा की पत्नी उमादेवी शर्मा को 73.25 लाख का व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत कराकर सीमा से अधिक ऋण देकर पद का दुरुपयोग करने और अधिकारों से बाहर जाकर अध्यक्ष के परिजन को लाभ पहुंचाने के बारे में जांच रिपोर्ट भेजी गई है। रिपोर्ट में तत्कालीन बैंक अध्यक्ष, बैंक के सीइओ पर आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।

ये आरोप हुए प्रमाणित....
आयुक्त सहकारिता के पत्र मेें जिन आरोपों को प्रमाणित बताया गया है उनमें-
1. जिला सहकारी बैंक व्यक्तिगत ऋण 60 लाख रूपए की अधिकतम सीमा तक स्वीकृत कर सकता है। लेकिन रूपए 73.25 लाख व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत कर अधिकार सीमा से अधिक ऋण वितरित कर पद का दुरुपयोग किया गया।
2. यह ऋण बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष के परिजन को स्वीकृत किया गया, जो बीआर एक्ट की धारा 20 का उल्लंघन है, इसके अनुसार संचालक मंडल के परिजन या उनकी कंपनी या संस्था को ऋण स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। यह कार्य अधिकारिता विहीन है।
3. कोई संचालक बैंक उपविधि के अनुसार ऐसे किसी निर्णय में शामिल नहीं हो सकता है, जिसमें उसका हित निहित हो, परंतु अध्यक्ष ने इसका उल्लंघन किया है।

आयुक्त ने यह दिए निर्देश...
प्रकरण में तत्कालीन बैंक अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनयप्रकाश सिंह और बैंक की मुख्य शाखा विदिशा के प्रबंधक प्रमुख रूप से उत्तरदायी माने गए हैं तथा ऋण ग्रहीता को प्रत्यक्ष लाभ ग्रहीता माना गया है। आयुक्त डॉ एमके अग्रवाल ने अपने आदेश में लिखा है कि तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराएं और सेवायुक्तों के खिलाफ बैंक सेवा नियमों के तहत तथा अन्य पर सहकारी अधिनियम के तहत भी तत्काल कार्रवाई करें।


मेरे खिलाफ साजिश, मानहानि का केस करूंगा-शर्मा
पूर्व बैंक अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा ने कहा है कि मेरे खिलाफ भाजपा और बैंक से जुड़े रहे लोग ही साजिश कर रहे हैं। वे मेरी और मेरे परिवार के साथ ही बैंक की छबि भी खराब करने पर तुले हुए हैं। जहां तक आरोपों का सवाल है तो मैंने नियमानुसार ऋण वितरित किए हैं और उनके ब्याज का पूरा पैसा चुकाते हुए समय से पूर्व पूरा जमा किया है। मेरे खिलाफ इस साजिश और मेरी छबि खराब करने वाले इस पत्र के खिलाफ मैं मानहानि का केस कर रहा हूं।

वर्जन...
पत्र प्राप्त हुआ है। हमने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया। अभी हम अपना पक्ष भी आयुक्त के समक्ष रखेंगे। कहीं कोई आपत्ति या गड़बड़ी की स्थिति नहीं है। हमारा पक्ष रखने के बाद आयुक्त का जो निर्देश होगा वह मान्य होगा।
-विनय प्रकाश सिंह, सीइओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा