
अलविदा दादा.....जीवटता की मिसाल स्वतंत्रता सेनानी 99 वर्षीय रघुवीर चरण शर्मा पंचतत्व में विलीन
विदिशा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुवीर चरण शर्मा का गुरुवार की रात 9 बजे मेडिकल कॉलेज विदिशा में दुखद निधन हो गया। वे 99 वर्ष के थे। स्वतंत्रता सेनानी के निधन की खबर सुनते ही पूरे शहर में शोक की लहर छा गई। रघुवीर चरण शर्मा इस उम्र में भी अपने जज्बे के कारण जाने जाते थे उन्होंने अपने सम्मान निधि मे से 25 लाख रुपए से ज्यादा की राशि महापुरुषों की प्रतिमाओं, शहीद ज्योति स्तंभ, हिंदी भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों में दान देकर मिसाल कायम की थी। वयोवृद्ध होने के कारण पूरे जिले में वे दादा के नाम से जाने जाते थे। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ बेतवा तट िस्थत मुक्तिधाम में किया गया। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी सहित नगर के गणमान्य लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
सितंबर में अपने घर में ही गिर जाने के कारण उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई थी जिसका ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में किया गया था। ऑपरेशन सफल रहा था और वे करीब 1 माह के उपचार के बाद अपने घर भी लौट आए थे। बीती रात बुधवार को उन्हें अपने घर में फिर सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां उपचार के दौरान गुरुवार की रात 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार की सुबह उनके निवास श्रद्धानंद पथ विदिशा से एक सुसज्जित वाहन में उनका पार्थिव शरीर नगर के मुख्य रास्तों से होकर स्वतंत्रता सेनानी रघ्रुवीर चरण शर्मा अमर रहे की गूंज के साथ मुक्तिधाम पहुंचा। यहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। घर पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव, एसपी मोनिका शुक्ला, एएसपी समीर यादव ने और फिर अंतिम यात्रा में विधायक शशांक भार्गव, वरिष्ठ नेता मुकेश टंडन समेत अनेक गणमान्य लोगों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
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विवेकानंद की प्रतिमा से लिपटकर रोये थे सेनानी
स्वतंत्रता सेनानी रघुवीर चरण शर्मा अपनी जीवटता,देश प्रेम और सेवा के जज्बे के साथ ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को खरी खरी सुनाने के लिए भी जाने जाते थे। कन्या महाविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद, एमएलबी के पास लगी महारानी लक्ष्मीबाई, कलेक्ट्रेट परिसर की सुभाषच्ंद्र बोस और मेडिकल कॉलेज तिराहे पर लगी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं उनकी सम्मान निधि से ही स्थापित हो सकी हैं। कन्या महाविद्यालय में विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण का वह दृश्य बहुत भावुक करने वाला था जब प्रतिमा का अनावरण करते ही रघुवीर चरण शर्मा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से लिपटकर फफक फफक कर रोये थे। इसी तरह नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा को उन्होंने अस्वस्थता के बावजूद खड़े होकर जोश के साथ सैल्यूट किया था।
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पत्रिका ने दिया था लाइफ टाइम अचीवर अवार्ड
स्वतंत्रता सेनानी रघुवीर चरण शर्मा आजीवन लोगों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत बने रहे। पिछले साल ही पत्रिका ने अपने अचीवर अवार्ड समारोह में उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए सम्मानित किया था। वे भी समारोह में व्हील चेयर पर उत्साह के साथ हाथ हिलाते हुए शामिल हुए थे और अतिथियों ने उन्हें मंच से उतरकर व्हील चेयर पर ही अवार्ड प्रदान किया था।
Published on:
11 Nov 2022 06:19 pm
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