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दीवाली के पहले नहीं मिल पाएगा हलाली डेम का पानी

करीब 40 हैक्टेयर क्षेत्र नहर के पानी के भरोसे है नवरात्र से बोवनी शुरू हो जाती है, लेकिन अभी नहरों की सफाई और मरम्मत का ही कार्य चल रहा है...
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विदिशा

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Veerendra Shilpi

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Updated: 28 Oct 2018, 10:40 AM IST

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Vidisha Cleaning of canals in Pipalkheda area.

विदिशा. हलाली कमांड क्षेत्र के किसान नहर के पानी के इंतजार में है। खास चिंता टेल क्षेत्र के किसानों की है। उनके क्षेत्र में नहर छूटने के करीब 25 दिन बाद पानी पहुंचता है। ऐसे में उनकी बोवनी काफी बिलंब से हो पाएगी। इधर सिंचाई विभाग का कहना है कि दीवाली बाद हलाली से पानी छोड़ा जाएगा।

ज्ञात हो कि हलाली कमांड क्षेत्र में करीब 40 हैक्टेयर क्षेत्र नहर के पानी के भरोसे है नवरात्र से बोवनी शुरू हो जाती है, लेकिन अभी नहरों की सफाई और मरम्मत का ही कार्य चल रहा है। किसानों में इस बात की नाराजी है कि मरम्मत का यह कार्य एक माह पहले भी किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होकर जब नहरें चालू करने का समय है उस समय में नहरों को दुरुस्त करने का कार्य कराया जा रहा है। अगर हलाली डेम से पानी छोडऩे में और बिलंब हुआ तो टेल क्षेत्र के किसानों की बोवनी संकट में आ जाएगी।

किसानों को कराना पड़ रहा बोर...
किसानों का कहना है कि उनकी सिंचाई की परेशानी में अब कोई नेता आगे नहीं आ रहा। आचार संहिता की आड़ में नेता खामोश है और अधिकारियों पर भी अब किसी का दबाव नहीं है। ऐसे में उनकी परेशानी कोई नहीं समझ रहा। किसान अब सिंचाई विभाग व नेताओं पर भरोसा न कर अपने खुद के जलस्रोतों की व्यवस्था में जुट गए हैं। इसके लिए क्षेत्र के गांव-गांव में किसान अपने खेतों में बोर करा रहे हैं।

छह फिट खाली रह गया डेम....
इस बार डेम में गत वर्ष से भी कम पानी है। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक हलाली बांध का पानी का कुल लेवल 1508 है। पिछले वर्ष हलाली में 1504 फिट पानी था जबकि इस वर्ष 1302 फिट पानी ही रह गया। इससे डेम करीब छह फिट खाली है। डेम में पानी की कमी के कारण इस बार सिंचाई विभाग सिर्फ एक पानी ही दे पाएगा जिससे पलेवा ही हो सकेगा।

इन गांव में ज्यादा नाराजी
चितौरियाजल संथा के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र रघुवंशी का कहना है कि नियम टेल से हेड पानी देने का है लेकिन इस नियम का कभी पालन नहीं होता और इससे टेल क्षेत्र के ग्राम दीताखेड़ी, अमऊखेड़ी, कोलिंजा,परसौरा, छापखेड़ा, अंडिया गढ़ला, कागपुर आदि गांव में करीब एक माह बाद पानी पहुंचता है। ऐसे में नहरें शीघ्र नहीं खुली तो उनकी बोवनी दिसंबर माह में हो पाएगी। इससे किसानों में रोष बढ़ेगा।

फैक्ट फाइल
हलाली का फुल टेंक लेवल- 1508
वर्तमान में लेवल- 1502
लेवल से कम पानी- 6 फिट
हलाली कमांड कृषि क्षेत्र- 40 हैक्टेयर
कमांड क्षेत्र किसान संख्या- 10,000


-सिंचाई विभाग अपने कार्य के प्रति कभी गंभीर नहीं रहता। जब नहरों में पानी छोडऩे का समय आता है तभी एनवक्त पर मरम्मत का कार्य किया जाता है। इससे नहरें चालू होने में देरी होती है। सिंचाई के लिए शीघ्र पानी छोड़ा जाना चाहिए।-लाखनसिंह मीणा, किसान नेता

-दीवाली के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। डेम में पानी कम होने से एक पानी पलेवा के लिए दिया जाएगा। गुंजाइश होने पर एक पानी और दिया जा सकता है।

-एसके जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग