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सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन करवाना है, तो खरीदना होगी सामग्री

नए जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में ऑपरेशन करवाने गरीब हो रहे परेशानसामग्री नहीं खरीदने पर बताते हैं बाहर का रास्ता, निजी अस्पताल जाना मजबूरी

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विदिशा। सर्जीकल वार्ड में ऑपरेशन के लिए परेशान होते मरीज।

विदिशा। सर्जीकल वार्ड में ऑपरेशन के लिए परेशान होते मरीज।

विदिशा। नए शासकीय जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में भर्ती मरीजों के निशुल्क ऑपरेशन होने की बजाए ऑपरेशन में उपयोग की जाने वाली दवा और सामग्री आदि मरीजों से बाजार से खरीदने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जिससे यहां उपचार करवाने आने वाले जिलेभर के गरीब वर्ग के मरीज खासे परेशान हैं और मजबूरन निजी अस्पताल का रूख करना पड़ता है।

जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में भर्ती मरीज के भाई बिट्टू खंगार ने बताया कि वे मंडीबामोरा निवासी हैं और उनके भाई को खेलते समय गिर जाने से हाथ में फैक्चर आ गया है। करीब १५ दिन से अधिक समय से जिला अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर तीन बार ऑपरेशन करने का कह चुके और फिर नहीं किया। खंगार ने बताया कि वह और उसके बड़े भाई सभी मजदूरी करते हैं और छोटे भाई के उपचार के लिए विदिशा में ही रूके हुए हैं। लेकिन डॉ. ऑपरेशन में लगने वाली सामग्री को बाजार से खरीदकर लाने का कह रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामग्री यहां नहीं है। वहीं राड भी हाथ में डलना है वह भी बाजार से लाने के लिए कह रहे हैं। जबकि वे गरीब हैं ऐसे में वह ऑपरेशन का खर्चा वहन नहीं कर सकते हैं। यही स्थिति यहां भर्ती कई मरीजों ने बताई।

मरीज बढ़े, सुविधाएं नहीं
जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में सोमवार को ९० से अधिक मरीज भर्ती थे। यानि यहां औसतन प्रतिदिन ८० से ९० मरीज भर्ती रहते हैं। इस प्रकार सर्जीकल वार्ड में मरीजों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं में इजाफा होता नजर नहीं आ रहा है। जिससे मरीज परेशान हैं।

पर्चा बनवाने भटके मरीज
जिला अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने पर्चा बनवाने वाला इमरजेंसी कक्ष सोमवार की दोपहर १२ बजे बंद था और यहां पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की खासी भीड़ लगी हुई थी। मिर्जापुर से आए ऊधमसिंह ने बताया कि वे करीब एक घंटे से पर्चा बनवाने परेशान हो रहे हैं, लेकिन यहां कक्ष का मुख्य गेट बंद है और कोई पर्चा बनाने वाला नहीं था। यही स्थिति यहां सुबह से लेकर दोपहर तक मरीजों के साथ रही।

एक्सरे और सोनोग्राफी के लिए भी भटके मरीज
जिला अस्पताल की एक्सरे मशीन तकनीकी खराबी के कारण छह दिन से बंद है। इस कारण जिला अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों के साथ ही जिला अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में भर्ती मरीजों के एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। यहां प्रतिदिन औसतन ६ एक्सरे होते हैं। लेकिन मशीन बंद होने के कारण मरीजों के मजबूरन बाजार से एक्सरे परिजनों द्वारा करवाने पड़ रहे हैं। वहीं एक्सरे से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार की शाम तक तकनीकी खराब को दूर कर दिया गया है और मंगलवार की सुबह से एक्सरे शुरु हो जाएंगे। इसी प्रकार डॉक्टर के अभाव में सोनोग्राफी भी २४ फरवरी तक बंद रहेगी। जिसके चलते सोनोग्राफी करवाने आने वाली महिलाएं और अन्य मरीज परेशान हो रहे हैं और मजबूरन महंगे दामों पर बाजार में सोनोग्राफी करवाना पड़ रही है।

इनका कहना है
ऑपरेशन में उपयोग होने वाली सामग्री के साथ ही राड आदि के टेंडर होना है। इस कारण मरीजों से ऑपरेशन की सामग्री खरीदने के लिए कहा जा रहा है। वहीं स्टॉफ की भी कमी है, जिसके चलते समय पर सभी भर्ती मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। लोड अधिक हो जाने के कारण एक्सरे मशीन खराब हो गई। जो जल्द सुधरवाई जाएगी।
- डॉ. संजय खरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, विदिशा