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छात्रवृत्ति लेना है, तो महिलाओं को पति की जगह आधार में कराना होगा पिता का नाम

प्रदेश सरकार के नए नियम से विभिन्न कॉलेज की हजारों छात्राएं हो रहीं परेशान, एमपी ऑनलाइन केंद्रों पर प्रतिदिन चक्कर लगाने को मजबूर अभ्यर्थी

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If you want to take scholarship, then women will have to get father's name in place of husband

If you want to take scholarship, then women will have to get father's name in place of husband

विदिशा. प्रदेश सरकार ने नए नियम के तहत विभिन्न कॉलेजों में अध्यनरत महिलाओं के छात्रवृत्ति के ऑनलाइन फार्म एमपीऑनलाइन से तभी भरा पाएंगे जब आधार कार्ड में पति की जगह पिता का नाम होगा। सरकार के इस नए फरमान से स्नातक, स्नात्कोत्तर सहित बीएड और डीएड कॉलेज में अध्यनरत हजारों महिला छात्राओं के ऑनलाइन फार्म आधार पर पति का नाम होने की वजह से नहीं भरा पा रहे और वे एमपी ऑनलाइन सहित कॉलेज और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और परेशान हो रही हैं और उनके फार्म नहीं भरा पा रहे। मालूम हो कि विगत वर्ष तक एमपी ऑनलाइन से छात्रवृत्ति का फार्म भरने के दौरान आधार की अनिवार्यता नहीं थी। यानि छात्राओं द्वारा पूर्व में लिए पंजीयन के आधार पर ही छात्रवृत्ति फार्म भरा जाते थे, जिनमें आठवीं या 10वीं की अंकसूची में पिता का नाम होता था, लेकिन अब एमपी ऑनलाइन का पूर्व का पंजीयन तभी चलेगा या नया पंजीयन भी तभी हो पाएगा जबकि अंकसूची के हिसाब से आधार में भी महिला छात्रा के पति की जगह पिता का नाम होगा। तभी फार्म एक्सेप्ट हो पाएगा। ऐसे में शादीशुदा छात्राओं के सामने खासी परेशानी खड़ी हो गई है।

15 दिसम्बर है अंतिम तारीख
बीएड और डीएड कॉलेज में एमपी ऑनलाइन से छात्रवृत्ति फार्म भरने की अंतिम तिथी 15 दिसम्बर है। जबकि महज एक हफ्ते पूर्व ही इनका भराना शुरू हुआ था। किलेअंदर निवासी अंकिता अहिरवार और नेहा सोनी ने बताया कि वे बीएड कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा हंै और छात्रवृत्ति के ऑनलाइन फार्म महज तीन दिन पूर्व से भराना शुरू हुए हैं, लेकिन जब वे एमपी ऑनलाइन केंद्र पहुंचीं, तो वहां उन्हें बताया गया कि फार्म तभी भरा पाएगा जब आधारकार्ड में पति की जगह पिता का नाम होगा। जबकि अंतिम तारीख 15 दिसम्बर है। ऐसे में उनका छात्रवृत्ति फार्म भराना संभव नजर नहीं आ रहा है।

आधार में संशोधन कराने में आ रहीं दिक्कतें
इन दिनों जिलेभर में कुछ बैंक और पोस्टऑफिस को छोड़कर सिर्फ जिला मुख्यालय पर नई कलेक्ट्रेट भवन और एसडीएम कार्यालय परिसर में ही आधार संशोधन और नए आधार बनाने का काम चल रहा है। वह भी सुबह साढ़े दस बजे तक टोकन मिलने के बाद। जिन्होंने टोकन नहीं लिया, उनका आधार संबंधी कार्य नहीं हो पाता, क्योंकि टोकन लेने के बाद भी आधार संशोधन कराने में जिलेभर से आए अभ्यर्थियों के कारण दिनभर लग जाता है। इस कारण महिलाओं के आधार में संशोधन कराने के लिए आधार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

दोबारा फिर कराना पड़ेगा संशोधन
बीएड की छात्रा सविता शिल्पकार और बीकॉम की छात्रा अंकिता शर्मा ने बताया कि अभी छात्रवृत्ति के लिए आधारकार्ड में पति की जगह पिता का नाम जैसे-तैसे संशोधित करवा भी लेंगीं, तो उन्हें भविष्य में अन्य कार्यों के लिए फिर से आधार में पिता की जगह पति का नाम करवाना पड़ेगा। क्योंकि सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेना हो या कहीं सरकारी या निजी जॉब के लिए आवेदन करना हो पति का नाम ही मांगते हैं। इसलिए फिर दोबारा आधार में संशोधन के लिए परेशान होना पड़ेगा। यही स्थिति जिलेभर की हजारों छात्राओं के साथ बनी हुई है।

यह भी आ रहीं दिक्कतें
यदि आवेदक के आधारकार्ड, समग्र आईडी, हाई स्कूल की अंकसूची एवं एससी-एसटी और ओबीसी के डिजीटल जाति प्रमाणपत्र में जन्मतिथि, स्वयं का नाम या पिता का नाम आदि में एक मात्रा का भी अंतर है, तो ऑनलाइन फार्म नहीं भरा पा रहा है। जैसे अभ्यर्थी के आधारकार्ड में नाम कुमारी अनिता शाक्य है और जाति प्रमाणपत्र में अनिता शाक्य लिखा है, तो ऑनलाइन आवेदन फिल नहीं हो पा रहा है। यही समस्या सामान्य वर्ग के मजदूरी कार्ड आदि के आवेदकों को भी आ रही है। वहीं कई छात्राओं ने हाई या हायर सेकंडरी में छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया था, लेकिन शादी के बाद वह उसको भूल गईं और कुछ सालों बाद दोबारा कॉलेज की पढ़ाई शुरू की, तो पंजीयन नम्बर के अभाव में दिक्कत आ रही है और नया पंजीयन भी इस वजह से नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही अन्य कुछ और तकनीकी दिक्कतें भी हैं।

स्कॉलरशिप फार्म के लिए यह दस्तावेज जरूरी
यदि कोई छात्र-छात्रा किसी भी कैटेगिरी या योजना के तहत छात्रवृत्ति का लाभ लेना चाहता है, तो ऑनलाइन ऑवेदन करने के लिए यह दस्तावेज होना मुख्य रूप से जरूरी हैं। इनमें सबसे पहले हाई और हायर सेकंडरी स्कूल की अंकसूची, आधारकार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, फीस जमा की रसीद, पिछली परीक्षा की अंकसूची, काउंसलिंग आईडी, ईमेल आईडी, मोबाइल नम्बर जो आधार से लिंक होगा। एनरोलमेंट नम्बर एवं उसकी तारीख पता होना भी जरूरी है।


इस साल से छात्रवृत्ति के फार्म आधारकार्ड के आधार पर भरे जा रहे हैं। जिसमें आधार में सिर्फ पिता के नाम वाले आवेदकों के फार्म ही भरा पा रहे हैं। ऐसे में महिला अभ्यर्थियों को दिक्कत हो रही है। उनके फार्म आधार में पति की जगह पिता का नाम संशोधित कराने पर भरा पा रहे हैं। शासन को इसमें पति या पिता के नाम का ऑप्शन देना चाहिए। जिससे महिला छात्राएं परेशान नहीं हों।
-प्रमोद साहू, संचालक, एमपी ऑनलाइन एम पाइंट