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भगवान झूलेलाल के 26 वें वंशज करेंगे अखंड ज्योति की स्थापना

जिले में पहली बार झूलेलाल मंदिर में होगी अखंड ज्योति की स्थापनासिंध से आई ज्योति से जलेगी अखंड ज्योति

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विदिशा। भगवान झूलेलाल के 26 वें वंशज गुरुवर ठकुर मनीष लालजी (भरूच वाले) द्वारा जिले में पहली बार सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में सिंध से संत हिरदाराम नगर आई अखंड ज्याति से अखंड ज्योति की स्थापना की जाना है। इस दौरान बहिराणा साहिब का भी आयोजन किया जाएगा। सिंधी समाज के किसी मंदिर में होने वाले इस आयोजन को लेकर जिलेभर के सिंधी समाज में काफी उत्साह है और इसकी तैयारियां जोरों से की जा रहीं हैं।

सिंधी समाज के पुरोहित पंडित राकेश शर्मा ने बताया कि सिंध में भगवान झूलेलाल मंदिर में अखंड ज्योति वर्षों से जल रही है। इसी ज्योति को देशभर के झूलेलाल मंदिरों में पहुंचाने का काम चल रहा है। एक मंदिर से दूसरे मंदिर यह अखंड ज्योति पहुंचाई जाती है। इस प्रकार देशभर के सभी झूलेलाल मंदिरों में यह अखंड ज्योति जलाई जाना है। इसी कड़ी में सिंध से बैरागढ़ आई अखंड ज्योति से विदिशा मंदिर में अखंड ज्योति स्थापना इस माह की जाएगी। ज्योति स्थापना का कार्य प्रत्येक मंदिर में भगवान झूलेलाल के वंशज ही करते हैं।

तिली के तेल से जलेगी अखंड ज्योति
शर्मा ने बताया कि अखंड ज्योति में सिर्फ तिली के तेल का उपयोग किया जाता है और सोयाबीन का तेल वर्जित रहता है। वहीं बाती इतनी पतली रहती है कि एक लीटर तेल करीब एक पखवाड़े तक चल जाता है और किसी प्रकार का वायू प्रदूषण भी नहीं होता है।

गंगात्री और सिंधु के जल से होगी कलश स्थापन
इस दौरान दो कलश की स्थापना भी की जाएगी। इनमें से एक कलश में गंगोत्री का जल और दूसरे कलश में सिंधु नदी का जल रहेगा। पूज्य सिंधी पंचायत के जिलाध्यक्ष हरीश वाधवानी, संत हिरदाराम सिंधु सेवा ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश मोतियानी आदि ने बताया कि जिले में होने वाले इस पहले आयोजन को लेकर जिलेभर के सिंधी समाज में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।