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करीला की दानपेटियों में नेपाल की मुद्राएं, रामदरबार का प्राचीन सिक्का भी मिला

18 लाख 43 हजार रुपए की नकद दान राशि और तमाम अर्जियां मिलीं

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करीला की दानपेटियों में नेपाल की मुद्राएं, रामदरबार का प्राचीन सिक्का भी मिला

करीला की दानपेटियों में नेपाल की मुद्राएं, रामदरबार का प्राचीन सिक्का भी मिला

रोहित ओझा, बामौरीशाला.
करीला के विख्यात जानकी मंदिर में रंगपंचमी पर लगे तीन दिवसीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने माता जानकी के दर्शन किए। बुधवार को जब दान पेटियां खुलीं और दान राशि की गिनती शुरू हुई तो उनमें रामदरबार का प्राचीन सिक्का भी निकला, जो किसी दूसरे देश की मुद्रा है। नेपाल लिखे सिक्के, नेपाल के रुपए और सगरमाथा (हिमालय पर्वत के सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट को नेपाल में सगरमाथा कहा जाता है, इसी सगरमाथा के नाम पर नेपाल के पूर्वांचल विकास प्रांत का नाम रखा गया है) का प्राचीन सिक्का भी दानपेटी से निकला है। दानपेटी से 50 हजार रुपए की राशि का चैक भी मिला है।
दान पेटियों में से दान राशि के साथ ही श्रद्धालुओं की अर्जियां भी निकली हैं, जो बड़ी आस्था के साथ मां के दरबार में लगाकर उनके पूरा होने की मिन्नत की गई है। एक अर्र्जी में लिखा है कि- माता मेरी नौकरी लग जाए तो मैं पांच हजार एक रुपए का प्रसाद चढ़ाऊंगा। किसी ने लिखा है कि-मां मेरी सरकारी नौकरी लगवा दो कर्जा बहुत है। तो किसी ने लिखा है कि-मां मम्मी, पापा की तबियत ठीक करा दो। किसी ने लिखा है- माता, मेरी नौकरी लग जाए में तुम्हारे अंगना में बधाई करवाऊंगी। माता मैं परीक्षा में पास हो जाऊं मेरे अंक 80 प्रतिशत तक आ जाए मैं बधाई करवाऊंगीए। मां मेरी अर्जी स्वीकार करना अगले साल तक मेरे बालक की नौकरी लगवा देना आकर बधाई कराऊंगी। मां, मेरे पति को हर मुसीबत से बचाना आदि कई कामनाओं की पर्ची दान पेटियों से मिलीं हैं। नायब तहसीलदार अमित जैन ने बताया कि बुधवार को करीलाधाम के जानकी मंदिर की दानपेटियों को खोला गया है, जिसमें विदेशी मुद्राओं सहित अनेक अर्जियां और नकद राशि के साथ ही चैक प्राप्त हुए हैं, गिनती की जा रही है।