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स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही आ रही सामने, मलेरिया निरोधक माह की औपचारिकता

कार्यक्रम के लिए आनन फानन में बुलाए अतिथि

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स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही आ रही सामने, मलेरिया निरोधक माह की औपचारिकता

विदिशा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी लापरवाही सामने आ रही है। जिला अस्पताल परिसर में शुक्रवार को मलेरिया नियंत्रण माह का शुभारंभ हुआ, लेकिन आनन फानन में अतिथियों को बुलाने की नौबत बनी। कार्यक्रम में आए अतिथियों को कहना पड़ा कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी जाना चाहिए।


मालूम हो कि जून माह को मलेरिया निरोधक मनाने के लिए जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शनी का शुभारंभ व मलेरिया रथ को प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया जाना था। परिसर में सुबह इसकी तैयारी हुई और इसके शुभारंभ के लिए आनन फानन में अतिथियों की व्यवस्था की व्यवस्था करना पड़ी। नपाध्यक्ष मुकेश टंडन के निवास पर एनवक्त पर कर्मचारी इस कार्यक्रम की सूचना देने पहुंचा। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे होना था, लेकिन 9.20 पर इसकी सूचना दी गई। वहीं जिला अस्पताल में अन्य अधिकारी भी 9.30 बजे पहुंचे। आयोजन स्थल पर आए अधिकारियों का कहना रहा कि इस तरह के कार्यक्रमों की सूचना पहले देना चाहिए।

नपाध्यक्ष व कलेक्टर ने किया शुभारंभ
इस प्रदर्शनी का शुभारंभ नपाध्यक्ष मुकेश टंडन एवं कलेक्टर अनिल सुचारी ने किया। इस दौरान एडीएम एचपी वर्मा, एसडीएम रविशंकर राय, सिविल सर्जन डॉ. संजय खरे, जिला मलेरिया अधिकारी बीएम वरुण आदि मौजूद रहे। इस दौरान अतिथियों ने मलेरिया रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले के ग्रामों की ओर रवाना किया। यह रथ तीस जून तक सभी ब्लाकों व उनके ग्रामों का भ्रमण कर मलेरिया से बचाव की जानकारी देगा।

आस पास के लोगों ने भी इस बात का समर्थन किया और बताया कि बारिश में मच्छरों से रोकथाम जरूरी है। लोगों ने बताया कि मच्छरों से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को होती है। क्योंकि उन्हें दिन रात बाहर निकलना होता है। ऐसे में बच्चों का मच्छरों से बचाव जरूरी है। इसलिए हम पूरी कोशिश करें के हमारे आस पास पानी इकट्ठा न हो। जिससे मलेरिया और डेंगू के मच्छर न पनप सके।