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187 वर्ष में पहला मौका, मानोरा में रथ पर सवार नहीं होंगे जगदीश स्वामी

रथ यात्रा न निकालने का फैसला प्रशासन की उपस्थिति में मंदिर ट्रस्ट ने लिया है।

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187 वर्ष में पहला मौका, मानोरा में रथ पर सवार नहीं होंगे जगदीश स्वामी

187 वर्ष में पहला मौका, मानोरा में रथ पर सवार नहीं होंगे जगदीश स्वामी

विदिशा/ ग्यारसपुर। ओडि़शा की जगन्नाथ पुरी के समतुल्य धार्मिक महत्व की मानी जाने वाली मानोरा की विख्यात जगदीश रथ यात्रा इस बार नहीं निकलेगी। मेला और रथ यात्रा न निकालने का फैसला प्रशासन की उपस्थिति में मंदिर ट्रस्ट ने लिया है। मानोरा जगदीश रथयात्रा के 187 वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका है, जब भगवान रथ पर सवार होकर गांव के भ्रमण पर नहीं निकलेंगे। गौरतलब है कि रथयात्रा में दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु जगदीश स्वामी के दर्शन को मानोरा पहुंचते हैं। हजारों श्रद्धालु मीलों दूर से दंडवत करते हुए आते हैं। लेेकिन ऐसा इस बार कुछ नहीं होगा।

रथयात्रा न निकालने का निर्णय
जगदीश स्वामी मंदिर मानोरा ट्रस्ट के अध्यक्ष भगवान सिंह रघुवंशी और ट्रस्ट ने गुरुवार को एसडीएम संजय कुमार जैन और ग्रामीणों के साथ रथयात्रा को लेकर बैठक की और उसमें रथयात्रा न निकालने का निर्णय लिया।

मानोरा में न आएं
ट्रस्ट ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आम जनों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मद्देनजर यह सहमति बनी है कि इस बार 23 जून को निकलने वाली भगवान जगदीश रथ यात्रा और मेला स्थगित किया जाता है। ट्रस्ट ने पूरे प्रदेश से आने वाले दुकानदारों और झूले वालों से भी कहा है कि संक्रमण को देखते हुए वे मानोरा में न आएं।

निर्णय जनहित में लिया गया
आषाढ़ सुदी दूज के दिन सभी आस्थावान लोग अपने-अपने घरों में रहकर ही जगदीश स्वामी की आराधना करें। ट्रस्टी रामनाथ सिंह रघुवंशी ने बताया कि यह 187 वर्ष के इतिहास में पहला मौका है जब रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी। संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय जनहित में लिया गया है।

दुकानदार बिल्कुल न आएं
ग्यारसपुर में भी एक संक्रमित मिल जाने से इस निर्णय को बल मिला है। मेले के लिए किसी भी तरह की दुकानों का आवंटन नहीं किया जाएगा। इसलिए दर्शनार्थी और दुकानदार बिल्कुल न आएं।