
मासूमों के जिंदगी से खिलवाड़: दो स्कूल वैन की आपस में भिड़ंत, दर्द से तड़पते रहे बच्चें
विदिशा/ बामौरीशाला। सिरोंज तहसील के बामौरीशाला के पास करैयाहाट और रिनिया रोड पर सोमवार की सुबह करीब 9 बजे दो निजी स्कूलों की वैन आपस में भिड़ गईं। इस हादसे में 16 स्कूली बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद हड़कम्प मच गया, पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह घायल बच्चों को सिरोंज अस्पताल पहुंचाया। वहां से 5 बच्चों को भोपाल रेफर कर दिया गया है।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया
घटना सुबह 9 बजे करैयाहाट और रिनियां के बीच सड़क की है, बारिश के दौरान ज्योति ज्ञान मंदिर स्कूल बामोरीशाला का वाहन नजदीकी गांव रिनिया से बच्चों को लेने के लिए जा रहा था, इसी दौरान ब्राइट फ्यूचर स्कूल करैयाहाट का वाहन रिनिया गांव से बच्चों को लेकर आ रहा था। बारिश के दौरान तेजी से आती दोनों वैन आपस में आमने-सामने टकरा गईं। दोनों वाहनों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दीपनाखेड़ा पुलिस को सूचित किया
वाहनों के भिड़ते ही बच्चों की चीख पुकार मच गई और करैयाहाट स्कूल जाने वाले रिनियां के 16 बच्चों घायल हो गए। ग्रामीणों को खबर लगी तो भागते हुए आए और घायलों को संभाला। बारिश के दौरान ही बच्चों को सड़क किनारे लिटा दिया गया। ग्रामीणों ने 100 डायल को सूचना दी और फिर दीपनाखेड़ा पुलिस को सूचित किया।
चालकों की लापरवाही से ये हादसा हुआ
मौके पर पुलिस पहुंची और किसी तरह बच्चों को सिरोंज अस्पताल भेजने का इंतजाम किया गया। यहां से पांच बच्चों को भोपाल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि चालकों की लापरवाही से ये हादसा हुआ है, जिससे बच्चों की जान पर बन आई। इसी हादसे में ज्योति ज्ञान मंदिर बामौरीशाला की वैन में करैयाहाट के कल्लू आदिवासी ने पास ही जाने के लिए लिफ्ट ली थी, वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में उपयोग किए गए दोनों स्कूल वाहनों में से किसी में भी स्कूल का नाम नहीं लिखा था।
ये हुए हैं हादसे में घायल
गंभीर घायल
उमेश नामदेव, रामवीर आदिवासी, निकुल, रामगोपाल आदिवासी, राधा अहिरवार, अर्जुन अहिरवार और साक्षी पाल।
सामान्य घायल
सुदीप बघेल, आनंद अहिरवार, सूरज आदिवासी, मनीष अहिरवार, शिवानी अहिरवार, सपना अहिरवार, राहुल अहिरवार, मिथुन अहिरवार, अभिताप, नंदनी अहिरवार, सत्यम अहिरवार, बिट्टू आदिवासी, विकास अहिरवार, ड्राइवर आकाश कुशवाह, रामवीर सहरिया और कल्ले आदिवासी।
घायल बच्चे को ही पकड़ा दी बॉटल, एक घंटे एम्बूलेंस का इंतजार
सिरोंज. स्कूली वाहनों के हादसे में घायल हुए बच्चों को उपचार के लिए सिरोंज अस्पताल लाया गया। लेकिन यहां प्राथमिक उपचार के बाद जब 8 बच्चों को विदिशा रेफर किया जाने लगा तो फिर संवेदनहीनता का चेहरा उजागर हुआ। दर्द से कराहते स्ट्रेचर पर पड़े एक बच्चें के हाथ में ही ग्लूकोज की बॉटल थमा दी गई। जबकि इस समय एसडीएम संजय जैन सहित पुलिस कर्मी और अस्पताल कर्मचारी भी वहां मौजूद रहे।
एक घंटे तक एम्बूलेंस नहीं आई
इसी तरह विदिशा रेफर किए जाने के बाद करीब एक घंटे तक एम्बूलेंस नहीं आई। इस दौरान बच्चें दर्द से तड़पते रहे। बाद में 108 गाड़ी पहुंची जिसमें तीन बच्चों को बैठाकर रवाना किया गया। एम्बूलेंस में कम्बल मिलने में भी काफी वक्त लग गया। घायलों के पहुंचने के करीब 45 मिनट बाद एसडीएम अस्पताल पहुंचे और उन्होंने थाने में फोन लगाकर 108 वाहन को बुलवाया। इससे पहले अस्पताल में जैसे ही घायलों को लेकर परिजन पहुंचे तो अस्पताल में चीखपुकार मच गई।
गम्भीर होने के कारण विदिशा रेफर कर दिया
छोटे-छोटे बच्चें दर्द से तड़प रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने 6 बच्चें और 2 लोगों को हालत गम्भीर होने के कारण विदिशा रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचे कांग्रेस नेता सुरेन्द्र रघुवंशी, महेन्द्र पाल बघेल, भाजपा नेता राजेश बघेल ने एम्बूलेंस को फोन लगाया उसके एक घंटे बाद गाड़ी आई। दूसरी एम्बूलेंस एसडीएम के फोन करने के बाद आई।
एक वाहन चालक घायल तो दूसरा फरार
उधर घायलों के परिजनों ने एम्बूलेंस में देरी पर अधिकारियों पर लापरवाही और किसी तरह की आर्थिक मदद न देने का आरोप लगाया है। वहीं दीपनाखेड़ा पुलिस ने दोनों स्कूली वाहन चालकों पर भादंवि की धारा 279 तथा 337 के तहत प्रकरण कायम किया है। वाहन चालक बिना लायसेंस के वाहन चला रहे थे। एक वाहन चालक रामदीन घायल है, जबकि दूसरा फरार हो गया है।
स्कूली वैन आपस में भिड़ गईं थीं, जिससे स्कूली बच्चे घायल हुए हैं, सभी घायलों को सिरोंज अस्पताल पहुंचाया गया है।
-जमीर काजी, थाना प्रभारी दीपनाखेड़ा
Published on:
27 Aug 2019 03:46 pm
बड़ी खबरें
View Allविदिशा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
