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पांच सौ वर्ष प्राचीन सिरोंज के नसिया जी में आकार ले रहा नंदीश्वर जिनालय

हमारी विरासत

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पांच सौ वर्ष प्राचीन सिरोंज के नसिया जी में आकार ले रहा नंदीश्वर जिनालय

पांच सौ वर्ष प्राचीन सिरोंज के नसिया जी में आकार ले रहा नंदीश्वर जिनालय

विदिशा. सिरोंज के दिगम्बर जैन तीर्थस्थल नसिया जी के पंाच सौ वर्ष पुराने इतिहास में अब त्रिमूर्ति जिनालय और नंदीश्वर जिनालय भी शामिल हो रहा है। करीब 120 बीघा क्षेत्र में फैले नसिया जी में 15-15 फीट ऊंची भव्य प्रतिमाएं आकर रखी जा चुकी हैं, मंदिर का निर्माण चल रहा है। इसी प्रकार नंदीश्वर जिनालय में 52 जिनालय बनाने की तैयारी है। इसके पहले यहां मुनि सुधासागर करीब 32 वर्ष पहले भगवान बाहुबलि की 15 फीट ऊंची प्रतिमा प्रतिष्ठापित करा चुके हैं। यहां प्राचीन चौबीसी पहले से विराजमान है। संभवनाथ, पाŸवनाथ भी यहां विराजे हैं।


समिति के अध्यक्ष जिनेंद्र कुमार जैन, कोषाध्यक्ष विजय कुमार जैन तथा सचिव सुनील कुमार जैन बताते हैं कि यह तीर्थस्थल करीब 500 वर्ष प्राचीन है। यहां एक श्रावक की भक्ति का अतिशय देखकर नवाब ने उन्हें साधना के लिए जगह दी थी। तब यहां छत्रियां हुआ करती थीं। शांतिनाथ भगवान का प्राचीन मंदिर भी ईदगाह के पास था, जिसे चंदा सिंघई ने बनवाया था। यहां संवत् 1272 की प्राचीन चौबीसी भी है। प्राचीन मंदिर अब भी मौजूद है, जिसमें प्रतिमाओं के अवशेष मौजूद हैं। धर्मपुर से लाई गई भगवान संभवनाथ की प्रतिमा यहां विराजित है। जबकि 1989 में भगवान बाहुबलि की विशाल प्रतिमा भी यहां मुनि सुधासागर के सानिध्य में प्रतिष्ठापित कराई गई थी। विजय जैन बताते हैं कि पहले यहां छत्रियां थीं, जिनका जीर्णाेद्धार कराकर उनमें विधि विधान से जिन प्रतिमाओं को विराजित कराया गया है। प्राचीन जिनालय अब भी अपने मूल स्वरूप में ही मौजूद है। यहां पत्थरों के खंबों पर छत टिकी हुई है, मंदिर का शिखर भी प्राचीन नजर आता है। मंदिर में ही एक दीवार में तीर्थंकर भगवान की प्राचीन प्रतिमा नजर आती है।

प्रतिमाएं आईं, भव्य बनेंगे मंदिर
परिसर को भव्य रूप देने के लिए यहां त्रिमूर्ति मंदिर बनाया जा रहा है, जिसके लिए भगवान आदिनाथ की बैठी हुई और भरत की खड़ी प्रतिमा आ चुकी है। दोनों ही प्रतिमाएं 15-15 फीट ऊंची हैं। बाहुबलि की प्रतिमा आना है। इन तीनों की प्रतिमाओं के विराजने के बाद मंदिर पूर्णाकार लेगा। अभी यहां लाल पत्थरों को तराशने का काम चल रहा है। विजय जैन बताते हैं कि परिसर में विशाल नंदीश्वर जिनालय के निर्माण का कार्य भी चल रहा है, जिसमें 52 जिनालय बनेंगे।