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जय न्यायाधीश की टेर लगाते, दंडवत करते हुए कलेक्टर के पास रवाना पन्नालाल

इस तरह दंडवत करते हुए सौजना तक आ पहुंचा था पन्नालाल

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जय न्यायाधीश की टेर लगाते, दंडवत करते हुए कलेक्टर के पास रवाना पन्नालाल

जय न्यायाधीश की टेर लगाते, दंडवत करते हुए कलेक्टर के पास रवाना पन्नालाल

विदिशा. जमीन के नामांतरण के एक मामले में गुलाबगंज के पास रकौली गांव निवासी पन्नालाल अहिरवार पिंड भरते हुए अपनी पत्नी और मां के साथ कलेक्टर से न्याय मांगने करीब 30 किमी दूर विदिशा के लिए रवाना हुआ। लेकिन विदिशा से करीब 15 किमी पहले उसे नायब तहसीलदार के भेजे कर्मचारियों ने समझाया, नाायब तहसीलदार से बात कराई तब वह वापस हुआ। पूरे रास्ते पन्नालाल दंडवत करते हुए जय न्यायाधीश, जय न्यायाधीश की टेर लगाते हुए जा रहा था।
रकौली के पन्नालाल को जय न्यायाधीश की टेर लगाते हुए सडक़ पर पिंड भरते हुए देखकर राहगीर और ग्रामीणों का ठिठक जाना स्वाभाविक था। सौजना के पास कई ग्रामीणों ने पन्नालाल से पूछा तो उसका यही कहना था कि कलेक्टर के पास न्याय मांगने जा रहा हूं, और कोई रास्ता नहीं है। मेरी जमीन का नामांतरण रोका जा रहा है। पन्नालाल के साथ उसकी बूढ़ी मां और पत्नी पैदल चल रहे थे और पन्नाला की जिद ऐसे ही दंडवत करते हुए कलेक्टर के पास पहुंचने की थी। नायब तहसीलदार सिंहला ने बताया कि पन्नालाल को पट्टे की जमीन मिली थी, उस पर 2013-14 में नामांतरण का मामला चला था, राजस्व मंडल ने पन्नालाल के हक में फैसला दिया है और अब यह मामला जिला दंडाधिकारी के पास है। पट्टे की जमीन पर नामांतरण के इस मामले में शासन अपील करेगा। पन्नालाल को समझाया है कि ये प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन वह समझने को तैयार नहीं था और कलेक्टर से मिलने चल दिया। हमने उसे समझाया कि यह तरीका ठीक नहीं है। उसे समझाकर वापस लौटा दिया गया है, वह अपने घर पहुंच गया है।