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शासकीय राशन दुकानों पर अंडे, मांस, मछली का विरोध करने सड़कों पर उतरे लोग

सर्व धर्म समिति ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सेदारी की।

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vidisha

शासकीय राशन दुकानों पर अंडे, मांस, मछली का विरोध करने सड़कों पर उतरे लोग,शासकीय राशन दुकानों पर अंडे, मांस, मछली का विरोध करने सड़कों पर उतरे लोग

विदिशा. शासकीय राशन की दुकान पर सस्ती दरों पर अंडे, मांस और मछली बेचने के प्रस्ताव के विरोध में विदिशा सर्वधर्म समाज ने सोमवार की 10 बजे माधवगंज से विशाल मौन रैली निकाली। इसमें नगर के सभी धर्म, समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। हाथ मेेें स्लोगन लिखी तख्तियां और शाकाहार को प्रोत्साहित करने वाले बैनर लेकर सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि चल रहे थे। नीमताल पर एसडीएम संजय जैन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।


सुबह प्रशासन की ओर से कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते रैली स्थगित करने के लिए आयोजकों से कहा गया, लेकिन विभिन्न समाजों के लोग आ चुके थे, इसलिए यह संभव नहीं हुआ। फिर आनन-फानन में रैली निकालने की तैयारी हुई और ठीक 10 बजे माधवगंंज से रैली प्रारंभ होकर मुख्य बाजार, तिलक चौक, कागदीपुरा होते हुए नीमताल पहुंची। ठीक समय पर रैली निकल जाने से कई लोग रैली समाप्त होने के बाद भी आते रहे। रैली में विभिन्न समाज, संगठन और व्यापार जगत के लोग मौजूद थे। महिलाएं भी बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुईं। रैली के समापन अवसर पर गांधी चौक नीमताल पर रैली के संयोजक डॉ राजीव चौधरी ने ज्ञापन का वाचन कर उसे एसडीएम संजय जैन को सौंपा।


प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि उक्त ज्ञापन में नीति आयोग के विजन 2020-35 के लिए अपने प्रस्ताव में आगामी 15 वर्षों के लिए सरकार को मांस, अंडा, मछली को सस्ते मूल्य पर शासकीय दुकानों से बेंचने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव को सरकार 1 अप्रेल 2020 से लागू करने जा रही हैं। सर्वधर्म समाज ने इसे अनीतिपूर्ण निर्णय बताते हुए वापस लेने को कहा है। मौन जुलूस का संचालन ब्राह्मण समाज के संजय पुरोहित, समाज सेवी अतुल शाह, जैन समाज के महामंत्री शेलेन्द्र चौधरी कर रहे थे।


रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, वहीं विभिन्न स्लोगन की तख्तियां हाथ में लिये युवा भी अपना विरोध प्रगट कर रहे थे। मौन प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विदिशा व्यापार महासंघ, सनातनश्री हिउस समिति, श्वेतांम्बर जैन समाज, अग्रवाल समाज, पंजाबी समाज, ब्राह्मण समाज, सिंधी समाज, कायस्थ समाज, आर्य समाज, सोनी समाज, नेमा समाज, गहोई वैश्य समाज, माहेश्वरी समाज सहित नगर के अनेक शाकाहारी एवं जीवदया के क्षेत्र में काम करने वाले धार्मिक संगठनों ने भाग लिया।


इस अवसर पर धर्माधिकारी पं.गिरधर शास्त्री, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन, वसंत जैन, व्यापार महासंघ अध्यक्ष मुन्ना भैया, ज्ञानी मंजीत सिंह, हंसमुख शाह, मनमोहन अग्रवाल, राधेश्याम माहेश्वरी, सुजीत देवलिया, केएन गुप्ता, शैलेन्द्र सोनी, अतुल तिवारी, संजीव शर्मा, घनश्याम बंसल, मनमोहन बंसल, चेतन बलेचा, राजीव पीतलिया सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अपना विरोध प्रकट किया। सभी ने एक सुर में नीति आयोग द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री से इस निर्णय को निरस्त करने का अनुरोध किया है।