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15 दिन का किया था वादा, दो माह बाद भी प्रधानमंत्री आवास में पानी, न बिजली

आवास की चाबी मिलने के बाद भी किराये से रहने को मजबूर हितग्राही

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15 दिन का किया था वादा, दो माह बाद भी प्रधानमंत्री आवास में पानी, न बिजली

15 दिन का किया था वादा, दो माह बाद भी प्रधानमंत्री आवास में पानी, न बिजली

विदिशा। शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मुक्तिधाम के समीप पक्के आवास तो उपलब्ध करा दिए लेकिन इनमें पानी और बिजली की व्यवस्था दो माह बाद भी नहीं की जा सकी है। हितग्राही बताते हैं कि दीपावली से एक दिन पूर्व ही समारोह पूर्वक 84 लोगों को आवास में प्रवेश दिया गया था। उस वक्त नगरपालिका का वादा यह था कि 15 दिन में पानी और बिजली की व्यवस्था हो जाएगी, लेकिन दो माह बीत चुके ऐसे में इन आवासों में आठ दस परिवार ही शिफ्ट हो पाए हैं, जो रह भी रहे तो उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ रहा और जो शिफ्ट नहीं हुए उन्हें किराये के घरों में ही गुजर-बसर करना पड़ रही है।
मालूम हो कि मुक्तधाम के पास प्रधानमंत्री योजनांतर्गत करीब 648 इडब्ल्युएस आवास बनाए जा रहे हैं, जो शहर के ऐसे गरीब लोगों को उपलब्ध कराना है जिनके पास खुद का अपना घर नहीं है, उन्हें बने हुए सस्ते आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवासों के निर्माण की यह श्रंखला वर्ष 2016 से तैयार हो रही पर अब तक पूर्ण नहीं हो पाई। दीपावली से पूर्व 84 आवासों को आनन फानन में तैयार कर दीवाली से एक दिन पूर्व इन हितग्राहियों को आवासों की चाबी समारोह पूर्वक थमा दी गई। जबकि इन आवासों में बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। उस दौरान हितग्राहियों को 15 दिन में व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया और अब दो माह बाद भी कुछ हितग्राही व्यवस्थाओं की कमी के कारण भवन मिलने के बाद भी रहने नहीं आ रहे तो वहीं जो आठ दस परिवार रहने लगे उन्हें सड़क, बिजली और पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

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टैंकर से मिल रहा पानी, मोबाइल की रोशनी में गुजर रही रात

हितग्राहियों के मुताबिक कुछ दिनों से उन्हें टैंकर का पानी उपलब्ध कराया जा रहा जो दो दिन में एक बार आ पाता है और फिर पानी का इतना संग्रह करने की व्यवस्था भी लोगों के पास नहीं है। वहीं रात में मोबाइल की टार्च एवं बैटरी से घर में उजाला करना पड़ रहा है। हितग्राहियों के मुताबिक भवनों की चाबी होने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं न होने से उन्हें किराये के मकान में रहना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें किराया भी चुकाना पड़ रहा और नपा द्वारा बैंक से दिलाया गया ऋण की किस्त भी चुकाना पड़ रही। इस तरह वे दोहरी मार झेल रहे हैं। हितग्राही विशाल रावत, कपिल ताम्रकार, राजा रावत, नर्मदी अहिरवार, जयसिंह कुशवाह, सुनील कुशवाह आदि इन भवनों में रहे रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें यह भवन दो-दो लाख रुपए में उपलब्ध कराए है। इसके लिए पहले 20 हजार रुपए लेकर पंजीयन किया और फिर 1 लाख 80 हजार रुपए नपा ने बैंक से ऋण दिलाकर यह राशि ले ली, यह राशि दिए कइ्र लोगों को एक वर्ष बीत गया पर भवन पहले भी अधूरे थे और चाबी देने के बाद भी यह सुविधाओं के नाम पर अधूरे ही हैं और 84 लोगों में से आठ दस लोग ही इन भवनों में बमुश्किल रह पा रहे हैं।
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32 लाख में डलना है पाइप लाइन
नपा से मिली जानकारी के अनुसार इन आवासों में पानी पहुंचाने के लिए 32 लाख में पाइप लाइन डलने का कार्य होना है। यह पाइप लाइन वाटर वर्क्स से इन प्रधानमंत्री आवास तक आना है। इस कार्य के लिए दो बार टैंडर हो चुके। आखिर बार टैंडर अगस्त माह में हुआ था। कार्य के वर्क आर्डर भी हो चुके पर पाइप लाइन का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया। न यहां सड़कें बन पाई न ही बिजली की व्यवस्था हो पाई और गरीबों को उनके खुद के आवास का यह सपना उनके लिए अभी दूर बना हुआ है। जबकि यहां छह वर्ष में भी बड़ी संख्या में आवास अधूरे हैं।

वर्जन

प्रधानमंत्री आवासों में जल्दी ही पानी की व्यवस्था की जा रही है। टैंडर के बाद वर्क आर्डर हो चुके और ठेकेदार द्वारा इस कार्य के लिए आवश्यक सामग्री इकट्ठी की जा रही है और जल्द ही यह कार्य शुरू होकर पानी की यह समस्या हल कर दी जाएगी।
-संजीव जैन, सब इंजीनियर, नपा