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मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के चलते, चालक परिचालकों ने किया चक्काजाम

मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के चलते, चालक परिचालकों ने किया चक्काजाम

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मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के चलते, चालक परिचालकों ने किया चक्काजाम

विदिशा@अनिल सोनी की रिपोर्ट...

चालक परिचालक सेवा समिति के बैनर तले बस, ट्रक, कार, जीप आदि के चालकों ने नेशनल हाईवे स्थित ईदगाह चौराहे पर मंगलवार की सुबह करीब 10:15 बजे चक्काजाम कर दिया। चालाक प्रस्तावित मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन विधेयक वापस किए जाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान कोतवाली टीआई सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जिससे चक्काजाम के बाद भी व्यवस्था बनी रही।

सुबह 10 बजे से ही ईदगाह चौराहे पर चालक एकत्रित होने लगे थे। इसके बाद वहां से निकलने वाले वाहनों को रोककर उनके सामने बैठकर चक्काजाम किया। इस दौरान चालक जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार को मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन करना ही होगा। यह सभी चालको के हित में होगा। आपको बता दें कि इस सांकेतिक चक्काजाम से कुछ समय की परेशानी ई चालकों को हुई। इस दौरान प्रमुख रूप से संघ अध्यक्ष दौलतराम शिल्पकार, खुशहलसिंह, हनीफ मंसूरी, राजू, दीवानसिंह आदि मौजूद रहे।

यह हैं प्रमुख मांगें
चालकों की प्रमुख मांगों में प्रस्तावित मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन विधेयक वापस लिया जाए, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में लगे कर्मचारियों को 1800 रुपये वेतन दिया जाए, सेवा सुरक्षा की गारंटी दी जाए, सभी कंडक्टर, चालक और क्लीनर को नियुक्तिपत्र तथा पहचान पत्र दिये जायें, पेट्रोल-डीजल जीएसटी में लाया जाए, बीमा-लायसेंस की बढ़ी दरें वापस ली जाये, फंड- ग्रेज्युति- पेंशन सहित तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को दिया जाए, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इस कार्य से दूर रखकर छोटे ट्रांसपोर्टर्स को सहयोग किया जाए आदि।

कई जगह चल रही हड़ताल
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रदेश के कई चालक और परिचालक हड़ताल पर है। उनका कहना है कि इस एक्ट में संशोधन किया जाना चाहिए। क्योंकि संशोधित एक्ट चालक और परिचालक के हित में नहीं है। एक्ट इंसान की सुविधा के लिए बनाया जाता है। पर, इस एक्ट के चलते हमें फायदे कम और नुकसान ज्यादा है।