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भगवान राम बने दूल्हा और शहर बना बाराती

आधा किमी लम्बी बारात में बैंड रहे आकर्षण का केंद्र

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Historical Ramlee

विदिशा. ऐतिहासिक रामलीला में सोमवार की शाम दिव्य राम बारात के नाम रही। भगवान राम अपने तीनों भाईयों समेत दूल्हे के रूप में घोड़ों पर सवार होकर नगर में निकले तो शहर के गणमान्य लोग बाराती के रूप में उनके साथ हो लिए। जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा से बारात का स्वागत हुआ। रईस मियां-अनीस मियां ने स्वरचित राम विवाह गीतों के साथ खूब समां बांधा। करीब आधा किमी लम्बी बारात में रथ, पालकी, विमान पर राजसी वेशभूषा में राजे महाराजे बैठे, ऋषि-मुनि भी बारात में शामिल हुए। हर कोई इस दिव्य बारात को अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहता था।

शाम को करीब 5.15 बजे माधवगंज शिवालय से कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने भगवान राम की आरती उतारकर बारात शुरू कराई। करीब आधा किलो मीटर लम्बी बारात में अनेक पालकियों, विमानों और रथों पर राजा-महाराजा, राजकुमार और ऋषि मुनि सवार थे। राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न दूल्हे के रूप में घोड़ों पर सवार हुए और गणमान्य लोग बाराती के रूप में उनके साथ हो लिए। जगह-जगह आरती और पुष्पवर्षा से बारात का स्वागत किया गया। हर पल को लोग अपने मोबाइल में कैद करने में जुटे रहे।

बारात का स्वागत, फोटो, वीडिओ
राम बारात का कदम-कदम पर स्वागत किया गया। लगातार फोटो खींचे जाते रहे और लोगों ने खूब वीडिओ बनाईं। माधवगंज पर विधायक शशांक भार्गव ने रामजी सहित चारों भाईयों की आरती उतारी और फिर वे बारात में शामिल हो गए। बारात में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उत्साह से शामिल हुए।

रास्ते में खूब हुई आतिशबाजी
माधवगंज से बारात विदा होते ही खूब आतिशबाजी की जाने लगी। पटाखे, अनार चलाए गए और जमकर लोग नाचे। राम बारात देखने लोग अपनी छतों, गैलरियों और दुकानों पर आ खड़े हुए थे। रास्ते में चलने में भी मुश्किल हो रही थी। धीमी गति से आगे बढ़ती बारात का हजारों लोगों ने आनंद लिया। देर रात बारात रामलीला परिसर पहुंची, जहां राजा जनक ने बारात का स्वागत किया।

रईस मियां की तीन पीढिय़ों ने बांधा समां
रा म बारात में लगातार करीब 30 वर्ष से अपने राम विवाह के गीतों और आकर्षक बैंड की प्रस्तुति देते आ रहे आजाद बैंड के संचालक रईस अहमद और अनीस अहमद अपनी तीन पीढिय़ों की टीम के साथ आकर्षण का केन्द्र रहे। रईस अहमद ने दूल्हा बने श्रीराम...,सजी है जनकपुर आ रही बारात, दशरथ के नंदर की सजी है बारात जैसे गीतों से बारात को सजाया। उनका प्रदर्शन देखने बड़ी संख्या में लोग घेरे हुए थे। उधर शगुन बैंड ने भी शानदार प्रस्तुति दी, इसके अलावा रागिनी बैंड और श्रीराम बैंड भी अपने पूरे साज सामान के साथ बारात में शामिल हुए।

आज राम विवाह की रस्में, कल ब्राह्मण भोज
रामलीला में दिव्य राम बारात देर रात रामलीला परिसर पहुंची जहां राजा जनक ने उसकी अगवानी की। मंगलवार को राम-सीता सहित चारों राजकुमारों और राजकुमारियों का विवाह संपन्न होगा। विवाह की रस्में होंगी, पाणिग्रहण संस्कार, यज्ञ आदि के साथ विवाह संस्कार होगा। ये सारी रस्में राजा जनक और राजा दशरथ के साथ ही गुरु वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र की मौजूदगी में खुले परिसर में की जाएंगी। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर जगमग रोशनी से जगमगाएगा। चौतरफा सजावट की जाएगी। जबकि बुधवार को विवाहोत्सव, बधाईयां और खूब नृत्य गीत आदि के साथ राम विवाह की खुशियां मनाई जाएंगी। ब्राह्मणों के भोज का भी रामलीला परिसर में आयोजन होगा।