18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन ठेकेदारों ने सुपारी देकर कराया रंजीत का MURDER

24 घंटे के भीतर पुलिस ने किया खुलासा: कोर्ट में पेशी से पहले मुख्य आरोपी को दिलाया माउजर और निपटाने को कहा

3 min read
Google source verification
MURDER IN VIDISHA

तीन ठेकेदारों ने सुपारी देकर कराया रंजीत का MURDER

विदिशा. गुरुवार की शाम 5 बजे व्यस्ततम इलाके और पीडब्ल्यूडी ऑफिस के परिसर में पूर्व ठेकेदार और अब आरटीआई कार्यकर्ता रंजीत सोनी की गोली मारकर हत्या के आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला। एसपी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के तीन ठेकेदाराें ने रंजीत को जान से मारने के लिए विदिशा के अंकित यादव उर्फ टुन्डा को सुपारी दी थी। 3 जून को आरोपी ठेकेदार जसवंत सिंह और मृृतक रंजीत के बीच चल रहे एक मामले को लेकर पेशी थी। इससे पहले ही अंकित को माउजर और 25 हजार रुपए पेशगी दी गई और रंजीत को निपटाने के लिए कहा गया था। पुलिस ने अंकित समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस को रतजगा करना पड़ा।एसपी डॉ मोनिका शुक्ला ने घटना के बारे में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि 2 जून को पीडब्ल्यूडी ऑफिस में मुखर्जीनगर निवासी 46 वर्षीय रंजीत सोनी की अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमलावर हत्या करके फरार हो गया था। इसके तत्काल बाद मौका मुआयना किया गया और भादंवि की धारा 302 तथा 201 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। रात करीब 10 बजे से 2 बजे तक तमाम लोगों से पूछताछ की जाती रही। ऑफिस के सामने खड़े होने वाले ठेलों ने साफ कहा कि उन्होंने आगे के गेट से किसी को भागते नहीं देखा है। लेकिन जब रात को ऑफिस के पीछे वालों से बात की गई तो एक से पता चला कि एक व्यक्ति पीछे से भागा था, जिसके हाथ में टेटू बना था।

---

जसवंत ने दिए थे माउजर और रुपए

एसपी ने बताया कि पड़ताल के दौरान पता चला कि मृतक रंजीत सोनी पहले पीडब्ल्यूडी की ठेकेदारी करता था और उसका ठेकेदार एस कुमार चौबे, जसवंत रघुवंशी और नरेश शर्मा से विवाद चल रहा था। संदेह पर तीनों से पूछताछ की गई तो यह तथ्य सामने आया कि मृतक रंजीत और तीनों ठेकेदारों के बीच पैसों के लेन देन को लेकर रंजिश चल रही थी। आरोपियों ने बताया कि मृतक ने ठेकेदारी में हमें बड़ा नुकसान पहुंचाया और पुराने लेनदेन का मामला भी सामने आया। इसके बाद तीनों ने मृतक की हत्या की साजिश रची। लेकिन रंजीत को मौत के घाट उतारने के लिए कोई आदमी नहीं मिल रहा था, ऐसे में एस कुमार चौबे ने जमुनियाकलां के शैलेंद्र पटेल से संपर्क किया और शैलेद्र ने इस काम के लिए तीनों की मुलाकात अंकित यादव टुंडा से कराई। अंकित को इस हत्या के बदले रुपया देने की दो बातें अभी विवेचना में आई हैं, एक में 2 लाख और दूसरी में 6 लाख की डील बताई जा रही है, लेकिन हत्या के पहले 25 हजार रुपए अंकित को जसवंत सिंह ने चौबे के माध्यम से दिलवाए, अंकित को माउजर भी जसवंत ने मुहैया कराया था। यह बात नरेश और शैलेंद्र को भी पता थी। इस बात को 6-7 दिन हो गए थे, जसवंत और चौबे दो बार दूर से अंकित को रंजीत का चेहरा दिखा चुके थे। फोटो भी दी थी। चौबे बार बार अंकित से काम जल्दी करने को कह रहा था। घटना के पहले भी अंकित को बताया गया कि रंजीत पीडब्ल्यूडी ऑफिस में आया है। इस बार अंकित तैयारी से आया। रंजीत ऑफिस परिसर में अपनी बाइक रखकर अंदर ऑफिस में गया। जब वह वापस लौटा तो ऑफिस के पीछे वाले गेट से आए अंकित ने करीब डेढ़ मीटर दूर से उसको गोली मारी और अपनी बाइक से भाग गया। पुलिस ने ठेकेदारों और ऑफिस के पीछे से भागने वाले टेटू वाले युवक की तलाश की तो अंकित यादव उर्फ टुंडा को उसके मामा के घर सिलवानी से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी से माउजर और तीन जिन्दा कारतूस भी बरामद किए हैँ। हत्या के मुख्य आरोपी अंकित यादव टुन्डा सहित जसवंत रघुवंशी, एस कुमार चौबे, नरेश शर्मा और शैलेंद्र पटेल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले टॉवर लोकेशन के आधार पर शुक्रवार की सुबह 5 बजे एसपी विदिशा का फोन सिलवानी पुलिस के पास पहुंचा और आरोपी अंकित के वहां होने की जानकारी दी। इस पर सुबह 7 बजे आरोपी को उसके मामा के घर से गिरफ्तार कर लिया। विदिशा पुलिस वहां पहुंची और आराेपी अंकित को विदिशा लेकर आई।

---

3 जून को होना थी पेशी

एसपी डाॅ मोनिका शुक्ला ने बताया कि विदिशा के सीजेएम कोर्ट में जसवंत सिंह विरुद्ध रंजीत का एक केस 4 लाख 60 हजार रुपए के चेक बाउंस का विचाराधीन है, जिसमें 3 जून को पेशी होना थी। इस पेशी में मृतक द्वारा जसवंत सिंह के खिलाफ दस्तावेज पेश किए जाना थे। इसके अलावा दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ अन्य प्रकरण भी दर्ज कराए थे।

---

पुलिस टीम को दस हजार का इनामइस घटना का पर्दाफाश करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में एसपी डॉ मोनिका शुक्ला, एएसपी समीर यादव सहित डीएसपी सौरभ तिवारी, टीआइ योगेंद्र सिंह दांगी, आशुतोष सिंह, गिरीश दुबे, एसआई महेंद्र शाक्य, रणवीर सिंह, पीएस चौहान, संतोष गौतम, राजेश मिश्रा, रामस्वरूप सोनी, भानु दुबे, सुनील गंधर्व, राजकुमार शर्मा, राजेश यादव, हरीश मालवीय, सुरेश बघेल, अखिलेश राजावत, सोनू राजपूत, अमर दांगी, दीपक बघेल, जितेंद्र खटीक, दिनेश रघुवंशी, कुलदीप चंदेल, अजय सिकरवार तथा सचिन सोनी ने उत्कृष्ट कार्य किया। पुलिस अधीक्षक ने इस टीम को दस हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की है।