
Dr. Piyush on remand
विदिशा. बलात्कार के आरोपी डॉ. पियूष सक्सेना को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसेे 21 तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया। इस दौरान भोपाल से आए वकील डॉ. सक्सेना की जमानत के लिए पुरजोर प्रयास करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
डॉ. सक्सेना को दोपहर करीब सवा 12 बजे चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव के न्यायालय में पेश किया गया। जहां 45 मिनिट तक बंद कमरे में पैरवी चलती रही। इस दौरान न्यायालय कक्ष में मामले से संबंधित वकीलों और स्टॉफ के अतिरिक्त अन्य कोई बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं था। वहीं पीडि़त युवती भी परिजनों के साथ न्यायालय आई हुई थी और वह न्यायालय कक्ष के बाहर ही रही। भीतर भोपाल से आए वकील डॉ. सक्सेना की जमानत करने के लिए जिरह करते रहे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई और डॉ. सक्सेना को जेल भेज दिया गया।
सिर झुकाकर, नजरे बचाते चल रहा था आरोपी
जैसे ही न्यायालय कक्ष से आरोपी पुलिस के साथ बाहर आया, तो वह सिर झुकाये और लोगों से नजरें बचाते हुए चल रहा था। परिसर से बाहर पुलिस वाहन से उसे जेल ले जाया गया। सिविल लाइंस टीआई निरंजन शर्मा ने बताया कि डॉ. सक्सेना को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 21 तक ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया।
ये है मामला
मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण इस मामले के एक-एक बिंदू पर लोगों की नजर है। मालूम हो कि भाजपा नेता तथा पार्षद पति डॉ. सक्सेना पर एक युवती ने जब वह नाबालिग थी तभी से लेकर आठ साल तक बहला-फुसलाकर, अपनी पॉवर का रौब दिखाकर शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद करीब एक पखवाड़े तक डॉ. सक्सेना फरार रहा। फिर पुलिस ने भोपाल से उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया था। इसके बाद शनिवार को फिर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
Published on:
09 Dec 2018 06:03 am
बड़ी खबरें
View Allविदिशा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
