
सात बेटियों के धर्मपिता शिवराज आज होंगे दायित्वों से मुक्त
विदिशा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और उनकी पत्नी साधना सिंह आज अपने उस दायित्व से मुक्त हो रहे हैं जो सांसद बनने के बाद उन्होंने ढाई से पांच साल तक की सात बेटियों को गोद लेकर उठाया था। तब से अब तक शिवराज और साधना सिंह ने माता-पिता की तरह न सिर्फ इन बेटियों को पाला, बल्कि उनकी हर जरूरतों का ध्यान रखकर पूरी शिक्षा की भी व्यवस्था की। चार बेटियों की शादी वे पहले कर चुके हैं और अब तीन बेटियों का विवाह 15 जुलाई को कर अपने धर्म पिता-माता का दायित्व भी पूरा कर लेंगें। गणेश मंदिर में कन्यादान के साथ ही उनका सुंदर सेवाश्रम पिछले 24 वर्ष से पली-बढ़ीं बेटियों की रौनक से सूना हो जाएगा।
निराश्रित देखकर ग्रामीणों ने सौंपीं थीं बेटियां
जब शिवराज सिंह सांसद थे तो उनके दौरे के समय ग्रामीणों ने ही उन्हें इन बेटियों के निराश्रित होने की जानकारी देते हुए इनकी पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी का जिक्र किया था। केवल पढ़ाई लिखाई से ही बच्चों की पूर्ति नहीं होगी, उनकी पूरी परवरिश और माता-पिता का लाड़ प्यार भी मिले इसी मंशा से शिवराज सिंह उन्हें अपने साथ ले आए और साधना सिंह को यह कहकर बच्चियों को सौंपा कि अब से तुम ही इनकी मां हो। यकीनन साधना सिंह ने भी तब से ही इन बच्चियों को मां सा लाड़ प्यार दिया और उन्हीं की आज विदाई का समय है।
चार बेटियों-एक बेटे की शादी पहले की
सांसद बनने के बाद जिन सात बेटियों और एक बेटे को शिवराज सिंह अपने साथ ले आए थे और सुंदर सेवाश्रम में रखकर पाला पोसा था, उनमें से चार बेटियों सोना, रिंकी, भारती, रेखा और कमल की शादी वे पहले ही कर चुके हैं। तीन बेटियां प्रीति, राधा और सुमन और बचीं थीं जिनका विवाह अब 15 जुलाई को हो रहा है। इनमें से राधा बुधनी के खोहा गांव से लाई गई थी, जबकि प्रीति और सुमन को भोपाल के खजूरी क्षेत्र से शिवराज लाए थे। ये तीनों बेटियां विदिशा में ही नौकरी में भी हैं।
मां की हर भूमिका में साधना आगे
पहले चार बेटियों की शादी की तरह इस बार भी साधना सिंह अपनी तीन बेटियों की शादी में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं हैं। वे मां की हर भूमिका में पूरी तरह गंभीर और चिंतित भी हैं। हर छोटी-छोटी चीज की खरीदी और रस्मों के बारे में वे खुद पहल कर रही हैं। ज्यादातर सामान उन्होंने विदिशा और भोपाल से खुद खरीदा है। 15 जुलाई को बाढ़ वाले गणेश मंदिर में बारात, पाणिग्रहण संस्कार होगा, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और साधना सिंह अपनी तीनों बेटियों का धर्मपिता-माता के रूप में कन्यादान करेंगे।
साधना बोलीं- मां-बाप कभी दायित्व से मुक्त नहीं होते
बुधवार को तीनों बेटियों की माता पूजने और मंडप की रस्म निभाते समय साधना सिंह का गला भर आया। जब उनसे पूछा गया कि-अब आपका दायित्व पूरा हो रहा है। वे बोलीं- दायित्व तो कभी पूरा होता ही नहीं है। बेटियां हैं तो मां-बाप छोड़ थोड़ी सकते हैं। प्रीति, सुमन और राधा की शादी होने वाली है। माता पूजन हुआ है, मेंहदी हुई है। बहुत अच्छा लग रहा है हमारे आश्रम में फिर खुशियां आई हैं। अब मेरे आश्रम की बच्चियां सब अपने-अपने ससुराल चली जाएंगी। जहां रहें वहां खुश रहें। मैंने इन बच्चों को पाला, डांटती भी थी, प्यार भी किया। आज कैसा लग रहा है मैं कुछ कह नहीं पाऊंगी। सुमन ढाई साल की आई थी, आज इतनी बड़ी हो गई। तब ये बहुत शरारती बच्चे थे, अब समझदार हो गए हैं।
हल्दी रस्म में शामिल हुए शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तमाम व्यस्तताओं के बावजूद अपनी तीनों बेटियों की शादी में शामिल होने के लिए बुधवार की रात को ही विदिशा पहुंच गए। उन्होंने बेटियों को आशीर्वाद दिया और उनकी हल्दी रस्म में शामिल हुए। माहौल के अनुरूप हल्दी की रस्म में जहां बेटियों ने पीली साड़ी पहन रखी थी, वहीं शिवराज भी पीली जैकेट में नजर आ रहे थे।
शादी में कोरोना गाइडलाइन का प्रभाव
पहले की शादियां खूब धूमधाम से हुई हैं। लेकिन इस बार सीएम की बेटियों की शादी में भी कोरोना गाइडलाइन का प्रभाव दिखाई देगा। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जादौन और वरिष्ठ नेता मुकेश टंडन बताते हैं कि तीनों वर पक्ष से 10-10 लोगों को शामिल होना है। बहुत ज्यादा लोग शादी समारोह में शामिल नहीं होंगे। सबसे अनुरोध किया जा रहा है कि वह गणेश मंदिर न पहुंचे और जहां है वहीं से वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान करे।
Published on:
15 Jul 2021 10:32 am
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