
इस तरह गोसेवकों ने गायों के लिए एकत्रित किया भूसा।
आनंदपुर। लॉकडाउन में इंसानों के साथ ही मवेशियों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में उनके भोजन का जिम्मा उठाते हुए गांव के युवा धूप में यहां-वहां जाकर भूसा एकत्रित करते हैं और सड़क पर यहां-वहां घूमने वाले मवेशियों को भूसा खिलाते हैं।
मालूम हो कि ग्राम आनंदपुर में विगत तीन-चार वर्षों से स्थानीय युवकों के द्वारा जन सहयोग और स्वयं के शारीरिक श्रम से गोशाला का संचालन किया जा रहा है। आनंदपुर में लगभग 200 आवारा मवेशी हैं। गोशाला संचालक सदस्य विवेक कुशवाह ने बताया की उनकी टीम हर वर्ष खेतों में से लगभग 100 टैंक भूसा बनाती है। जिसमें समाज के लोग जन सहयोग करते हैं और उनकी टीम के सदस्य खेतों में भूसा की मशीन लेकर गायों के भोजन की व्यवस्था करते हैं।
इस समय करीब 50 टैंक भूसा बनवा लिया गया है और अभी 50 के लगभग और बनवाना है। इसमें ट्रेक्टर-ट्राली और भूसा की मशीन कम पैसों में सहयोग से मिल जाती है। गो सेवक रामस्वरूप पंडा ने बताया कि किसान खेतों की नरवाई जला देते हैं। जिससे हर बार नरवाई वाले खेतों के लिये आस पास भटकना पड़ता है। जो किसान अपनी मर्जी से भूसा बनाने की अनुमति दे देते हैं उनके खेतो में हम मशीन चला देते हैं। बारिश में हर वर्ष आवारा और निजी मवेशियों की संख्या बहुत अधिक होने से उनका प्रबन्ध भी अधिक करना पड़ता है। इस कार्य में प्रशासन से आज तक केाई मदद नहीं मिली सिर्फ ग्रामीणों के सहयोग से ही यह गो सेवा का काम चल रहा है।
Published on:
29 Apr 2020 03:56 pm
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