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जिला चिकित्सालय में 70 वर्षीय वृद्धा का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण

निराश्रित वृद्धा के साथ नहीं था कोई, चिकित्सकों ने ली जिम्मेदारी

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जिला चिकित्सालय में 70 वर्षीय वृद्धा का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण

जिला चिकित्सालय में 70 वर्षीय वृद्धा का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण

विदिशा. संवेदनहीनता के दौर में जिला चिकित्सालय से एक अच्छी खबर आई है। जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने 70 वर्षीय निराश्रित वृद्धा शांतिबाई की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए सहमति भी जुटाई और ऑपरेशन कर उनके कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर दिया। विदिशा जिले में यह पहला कूल्हा प्रत्यारोपण माना जा रहा है।


जिला चिकित्सालय के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ धर्मेन्द्र रघुवंशी ने बताया कि वृद्धा के परिवार में कोई नहीं है और गिरने से उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। वे भोपाल जाने को तैयार नहीं थीं, ऐसे में हम चिकित्सकों ने आपस में इनके ऑपरेशन का निर्णय लिया। लेकिन सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाला भी उनके परिवार का कोई नहीं था। ऐसे में प्रखर डायग्नोस्टिक के डॉ पियूष श्रीवास्तव ने अपनी सहमति दी और फिर शनिवार को डॉ धर्मेन्द्र रघुवंशी सहित मेडिकल कॉलेज के डॉ अतुल वाष्र्णेय, डॉ सनत, डॉ संजय उपाध्याय और डॉ चंद्रकांत ने उनका ऑपरेशन किया। डॉ रघुवंशी ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ संजय खरे ने इसके लिए सबका सहयोग कर हौंसला बढ़ाया। ऑपरेशन के बाद रविवार को उनके चलाया जाएगा।


स्टील का होता है कृत्रिम कूल्हा
डॉ रघुवंशी ने बताया कि कृत्रिम कूल्हा टाइटेनियम या स्टील का होता है। टूटी हुई हड्डी को पूरी तरह निकालकर यह फिट किया जाता है। शांतिबाई को स्टील का कूल्हा फिट किया गया है। उससे उन्हें अब पता भी नहीं चलेगा। वे आराम से अपना जीवन पूर्ववत जी सकेंगी। करीब डेढ़ घंटे में ये ऑपरेशन पूरा हुआ।