
पानीपत का युद्ध राष्ट्र की एकता के लिए लड़ा था- संदीप महिंद
विदिशा। पुणे से पानीपत तक निकाली जा रही गौरव यात्रा का यहां भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान बताया गया कि पेशवा के नेतृत्व में संगठित सेना व आक्रान्ता अहमद शाह अब्दाली के बीच हुए तृतीय पानीपत युद्घ को 262 वर्ष पूर्ण होने पर यह गौरव यात्रा निकाली जा रही है। यह उन सभी स्थानों से होते हुए निकाली जा रही है जहाँ से होकर उस युद्ध के समय मराठा सेना गुज़री थी। इसी क्रम में यह यात्रा विदिशा आई जहां महाराष्ट्रीयन समाज ने पेढ़ी प्रांगण में स्वागत सभा आयोजित की।
इस यात्रा में आए मुख्य वक्ता संदीप महिंद ने कहा कि पानीपत का यह युद्ध पेशवाओं ने राज्य विस्तार अथवा वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से नहीं लड़ा बल्कि राष्ट्र को एकता के सूत्र में बाँधने व विदेशी आक्रांताओं,राष्ट्र्द्रोही शक्तियों के नाश के लिए लड़ा था। इस युद्ध का परिणाम यह हुआ कि अब्दाली को अपनी बची खुची सेना के साथ वापस लौटना पड़ा और उसके बाद किसी हमलावर की हिम्मत उत्तर पश्चिम दिशा से आँख उठाने की नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आज फिर देश में राष्ट्रविरोधी ताक़तें सर उठाने की कोशिश कर रही हैं इसलिये इतिहास से सबक लेकर राष्ट्र व धर्म की रक्षा के लिए प्राणपण से कार्य करने की आवश्यकता है।
स्वागत सभा से पूर्व सभी यात्रियों का स्वागत समाज के पदाधिकारियों ने किया वहीं समाज अध्यक्ष उदय ढोली ने स्वागत भाषण में विदिशा नगर व आसपास के ऐतिहासिक महत्व के स्थानों व पानीपत युद्ध के समय नगर में सेना के पडावों के विषय में यात्रियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राहुल माने व विनोद बघेल उपस्थित रहे। अध्यक्षता नीलकंठ पंडित व आभार प्रदर्शन सौरभ मराठे ने किया।
इस अवसर पर समाज के सदस्यों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक सौरभ सिंह,विभाग कार्यवाह नवीन जोशी,जिला कार्यवाह गुलाब सिंह कुशवाह, सहित चंद्रभानसिंह बघेल,गोविंद देवलिया,सुनील जैन,मयंक क़ानूनगो, संदीप डोंगरसिंह, सुमन सोनी,मंजू तलेगाँवकर,राखी जकाते,राम कद्रे आदि मौजूद रहे।
Published on:
13 Jan 2023 12:16 am
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