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VIDISHA….गांव के बेटे ही नहीं, बेटियां भी ARMY की राह पर

अपने गांव के फौजियों से प्रेरित हो रहे युवा, सड़क किनारे ही होती है प्रेक्टिस

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VIDISHA....गांव के बेटे ही नहीं, बेटियां भी ARMY की राह पर

VIDISHA....गांव के बेटे ही नहीं, बेटियां भी ARMY की राह पर

विदिशा. जिले के लटेरी ब्लॉक का ग्राम झूकरजोगी एक ऐसे गांव के रूप में उभर रहा है जहां के बेटे ही नहीं बल्कि बेटियां भी सेना की राह पर चल पड़ी हैं। गांव के कुछ बेटे जब गांव में ही अभ्यास करके सेना में शामिल हो गए तो उनका फौजी बनना इस गांव के अन्य युवा बेटे-बेटियों के लिए नजीर बन गया। इस समय झूकरजोगी गांव में दस से ज्यादा युवा और पांच युवतियां फौजी बनने का सपना संजोकर अपनी तैयारी में जुटे हैं।

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बढ़ता जा रहा है सेना में भर्ती का जज्बा

झूकरजोगी पंचायत के बीएलओ दौलतराम प्रजापति गर्व से बताते हैं कि खुशी होती है कि गांव के बेटे-बेटियों में देशप्रेम और भारतीय सेना का जज्बा बढ़ता जा रहा है। इस गांव के कई युवा सेना में शामिल हैं। देवंद्र सिंह राजपूत वायुसेना में हैं, जबकि भगत सिंह राजपूत भी सेना में हैं। प्रजापति बताते हैं कि गांव के कई लडक़े और लड़कियां भी फौजी बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। कुछ युवाओं ने तो घर में व्यवस्था न होने के कारण सीमेंट के डंबल्स बनाकर उनसे पे्रक्टिस शुरू की है।

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सहेलियों के साथ गांव में ही प्रेक्टिसबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा ज्योति राजपूत बताती हैं कि हमारे गांव ने पहले भी भारतीय सेना को फौजी दिए हैं। उन्हें देखकर लगता है कि हमें भी सेना का हिस्सा बनने का मौका है। लड़कियां कहां कम हैं? वे भी सेना में शामिल हो सकती हैं। ज्योति कहती हैं कि हम अपनी सहेलियों के साथ गांव की सडक़ और घर पर ही नियमित अभ्यास करते हैं। रनिंग के साथ वर्कआउट करते हैं। कुछ तरीके यू ट्यूब से भी सीखते हैं। पिताजी ने शुरू से प्रोत्साहित किया, पर मां डरती हैं। लेकिन अब उन्होंने भी सेना में भर्ती के लिए सहमति दे दी है। तैयारी जारी है, सपना भी मन में है। मौका मिलेगा तो जरूर सेना का हिस्सा बनना चाहूंगी।

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घरों में ही छोटा सा जिम बना लिया

गांव के युवा रुद्र सिंह राजपूत कहते हैं कि हम 10-12 दोस्तों की टोली है, जो कोरोना काल से ही सेना की तैयारी में जुटी है। कुछ ने अपने घरों मेंं ही थोड़े-थोड़े साधनों से जिम बना लिया है तो कुछ बिना सामान के ही तैयारी में जुटे हैं। मेरा शुरू से सपना है कि सेना में जाना है, घर से कोई बाधा नहीं है, सबने सहमति दे दी है। मेरे साथ राहुल, अंकित सहित अनेक युवा तैयारी कर रहे हैं। देश के लिए कुछ कर पाएं इससे बेहतर और क्या होगा।