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गेहूं की फसल पर इल्ली और माहू का हमला

जिले में गेहूं की फसल पर इल्ली और जड़ माहू का अटैक होने लगा है। इससे फसल कमजोर पड़ रही है।

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गेहूं की फसल पर इल्ली और माहू का हमला

गेहूं की फसल पर इल्ली और माहू का हमला

विदिशा। जिले में गेहूं की फसल पर इल्ली और जड़ माहू का अटैक होने लगा है। इससे फसल कमजोर पड़ रही है। फसल को सुरक्षित करने के लिए किसान कीटनाशक दुकानों पर पहुंच रहे हैं और फसल बचाने के लिए अब उन्हें अतिरिक्त राशि खर्च करना पड़ रही है।

ग्राम सांकलखेड़ा खुर्द निवासी किसान भूपेंद्र रघुवंशी ने बताया कि उनके गांव सहित आसपास गांव में करीब दो माह की फसल हो चुकी। वहीं कुछ स्थानों पर जहंा करीब ढाई माह की फसल हो चुकी वहां बालियों पर इल्लियां दिखाई देने लगी है। वहीं फसल में जड़ माहू का प्रकोप बढ़ रहा है। ग्राम अंडियां, कोलिंजा के किसान संजू रघुंवशी, अनिल शर्मा, देवीङ्क्षसह, सुरेंद्रसिंह आदि का भी ऐसा ही कहना है।

वहीं किसान नेता राजकुमार बघेल ने कहा कि कृषि विभाग को ऐसे समय में किसानों के खेतों पर पहुंचकर उचित सलाह दी जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इन गांव की फसल में असर इल्ली और माहू का असर ग्राम लश्करपुर, वामनखेड़ी, पीपलखेड़ा, हिनौतिया, गजार, बागरी, जाफरखेड़ी, इमलिया, जंबार, गुरारिया, बाला बरखेड़ा, पिपलधार आदि गांव में असर दिखाई दे रहा है।

वहीं अहमदपुर, भाटनी, बेरखेड़ी, परशुखेड़ी, डंगरबाड़ा, बरखेड़ा, कांकरखेड़ी, सोंथर, रोड़ा, झिरनिया आदि गांव में गेहूं की फसल पर माहू का दोबारा अटैक हुआ है। माहू के कारण इस क्षेत्र में कई गांव में फसल पीली पडऩे लगी है। यह मान रहे कारण जानकार किसानों का कहना है कि सोयाबीन फसल के बाद जहंा बिना पलेवा किए बोवनी कर दी। वहां गेहूं की फसल पर यह आफत आई है।

वहीं धान की कटाई के बाद गढ़े में गेहूं की बोवनी वाले खेत या इन गढ़ों के समीप के अन्य खेतों में माहू और इल्ली का असर बढ़ रहा है। जानकारों का कहना है कि जमीन में लगातार नमी बने रहने एवं एक फसल के बाद दूसरी फसल के लिए एक-दो माह तक खेत खाली न रखने के कारण पूर्व फसल की इल्लियां या कीट नष्ट नहीं हो पाते और उन्हें नई फसल पर स्थान मिल जाता है।

प्रति हैक्टेयर पांच सौ रुपए खर्च बढ़ा फसल पर इल्ली व माहू के प्रकोप को रोकने के लिए किसान कीटनाशक दुकानों पर पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल को सुरक्षित करने के लिए दवाएं खरीदना पड़ रही। इसमें प्रति हैक्टेयर तीन सौ रुपए से लेकर पांच सौ रुपए तक का खर्च किसानों का बढ़ गया है।

गेहूं फसल में इल्ली व माहू का प्रकोप बढ़ा है। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र से किसान कीटनाशक दुकानों पर पहुंच रहे हैं और दवाएं खरीद रहे हैं।

- राजीव पीतलिया, अध्यक्ष, खाद-बीज विक्रेता संघ

गेहूं में जड़ माहू कीट के प्रकोप की जानकारी पूर्व आई थी। इसके लिए किसानों को आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। फसल में इल्ली संबंधी जानकारी ली जा रही है।

- अमरसिंह चौहान, उप संचालक कृषि विभाग