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हमारे बड़े-बुजुर्ग आज भी दांतों की सफाई के लिए नीम के दातुन का प्रयोग करते हैं। दातुन के फायदों को प्राकृतिक चिकित्सा में भी उपयोगी माना गया है। जानते हैं इसके प्रयोग और फायदों के बारे में।
ऐसे बनाएं दातुन
नीम की दातुन बनाने के लिए उस टहनी का प्रयोग करें जो सूखी हुई ना हो। इसे अच्छी तरह से पानी से धो लें। फिर इसके एक सिरे को दांतों से अच्छी तरह चबाते हुए ब्रिसल्स(टूथब्रश के रेशे) बनाएं।
फायदे ही फायदे
जब आप दातुन बनाने के लिए दांतों से टहनी को चबाते हैं तो उस समय जो रस मुंह में बनते हैं उन्हें थूके नहीं बल्कि निगल लें। इससे आंतों की सफाई और ब्लड प्यूरीफाई होता है, साथ ही त्वचा संबंधी रोग भी नहीं होते। ब्लड साफ होता है। शरीर में बायटे नहीं आते है। और त्वचा मेें फोड़े भी नहीं होते है।
ऐसे करें दातुन
दातुन को ऊपर के दांतों में ऊपर से नीचे की ओर और नीचे के दांतों में नीचे से ऊपर की ओर करें। इससे आपके मसूड़े मजबूत होंगे और पायरिया की समस्या नहीं सताएगी। नीम की दातुन नेचुरल माउथफ्रेशनर का भी काम करती है जिससे मुंह से दुर्गंध नही आती। दातुन को आप पांच मिनट से लेकर 15 मिनट तक कर सकते हैं।
अगर आप दातुन करने के बाद एक से दो मिनट कुल्ला नहीं करते हैं तो इसका प्रभाव ज्यादा होता है। सुबह व रात को दो बार दातुन की जा सकती है।
नीम की पत्तियां
नीम की नई कोपलों को तोडक़र उन्हें हाथ से मसल लें और ताजे पानी के साथ निगल लें, इन्हें चबाएं नहीं। इससे आपको ये कड़वी नहीं लगेंगी और आपका नियम भी बना रहेगा। एक दिन में नीम की ज्यादा से ज्यादा छह से सात पत्तियां ही खाएं वर्ना एसिडिटी या गर्मी की समस्या हो सकती है। नीम की पत्तियां
Published on:
08 Jan 2018 04:23 am
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