
एक केला खाने से एनीमिया का खतरा घटता है। इससे भूख नियंत्रित होती है। इसमें मैग्नीशियम से मूड अच्छा रहता है और नींद भी अच्छी आती है। इसमें 93 प्रतिशत कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आती हैं। यह कार्बोहाइड्रेट शुगर, स्टार्च और फाइबर के रूप में होती है।
फाइबर : एक केले में करीब तीन ग्राम फाइबर होता है। इस कारण शुगर पचने और एब्जॉर्ब होने में समय लेता है। कम पके केले में शुगर कम और प्रतिरोधी स्टार्च ज्यादा होता है। यह फाइबर की तरह ही आंतों में काम करते हैं। इसलिए Fast Weight Lose होता है। यह ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।
कार्बोहाइड्रेट : केला जितना पकता है उसका कार्बोहाइड्रेट उतनी तेजी से स्टार्च में बदल जाता है। ज्यादा पके केले में स्टार्च सामान्य शुगर में बदल जाता है। जिन्हें डायबिटीज की समस्या है उन्हें ज्यादा पका केला नहीं खाना चाहिए।
एन्टीऑक्सिडेंट्स : केला जब पकता है तो भूरे रंग के दाग होने लगते हैं, ऐसा क्लोरोफिल टूट कर एन्टीऑक्सिडेंट में बदलने के कारण होता है।
विटामिन व मिनरल्स : ज्यादा पके केले का माइक्रोन्यूट्रिएन्ट्स कम हो जाता है। जितना ज्यादा पकता है वाटर सोल्यूब्ल विटामिन, फॉलिक एसिड, विटामिन सी और थियामिन कम होने लगता है। इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। कम पके केले आंतों के लिए फे्रंडली बैक्टीरिया पैदा करने में मदद करते हैं।
एक केले में पोषकतत्व
विटामिन बी6 -0.5 एमजी
मैग्रीज - 0.3 एमजी
विटामिन सी - 9 एमजी
डाइट्री फाइबर - 3 ग्राम
प्रोटीन - 1 ग्राम
मैग्रीशियम - 34 एमजी
फोलेट - 25 एमसीजी
आयरन - 0.3 एमजी
कार्बोहाइड्रेट - 30 ग्राम
कैलोरी : 110
Updated on:
12 Sep 2019, 9:27 PM IST
Published on:
12 Sep 2019, 9:24 PM IST
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