जानिए मोटापाग्रस्त बच्चों का तेजी वजन घटाने का फॉमूला

जानिए मोटापाग्रस्त बच्चों का तेजी वजन घटाने का फॉमूला

Ramesh Kumar Singh | Publish: Jul, 29 2019 01:18:23 PM (IST) वेट लॉस

बच्चों में वजन बढऩे की समस्या सामान्यत: 10 साल से 15 साल की उम्र से शुरू हो जाती है। ऐसे बच्चे में वयस्क होने पर हृदय संबंधी बीमारियों, डायबिटीज, पीसीओडी व हार्मोनल संबंधी दिक्कतें होने की आशंका ज्यादा होती है।

बच्चों में मोटापा बढऩे के पीछे प्रमुख वजह खेलकूद में रुचि की कमी और फास्टफूड व जंकफूड खाने की आदत है। ऐसे बच्चों में सामान्यत: 10 से 15 साल की उम्र में उनका बॉडी फैट बढऩे लगता है। अधिकतर बच्चे मोबाइल, टीवी, विडियो गेम के साथ गुजारते हैं। इसके चलते शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती है। इससे बच्चे की लम्बाई बढऩा समय से पहले रुक जाती है।
थोड़ा काम करने में थकते
फैटी बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास ठीक से नहीं होता है। ऐसे बच्चे सीढिय़ां चढऩे में हांफने लगते हैं। जल्द थक जाते हैं। लड़कियों में समय से पहले पीरियड्स शुरू हो जाता है। ओवरी में झिल्लियां बन जाती हैं, जिससे पीसीओडी की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे बच्चे ज्यादा भावुक और अवसाद ग्रस्त होते हैं।
जानें क्या है फॉर्मूला
मोटापे से ग्रस्त बच्चों को फिट रखने के लिए माता-पिता को फाइव टू जीरो फॉर्मूले का प्रयोग करना चाहिए। इससे बच्चा धीरे-धीरे फिट हो जाएगा।
5 मौसमी सब्जियां व फल बच्चों को नियमित खाने के लिए देना चाहिए।
2 घंटे से ज्यादा टीवी व मोबाइल चलाने के लिए न दें।
1 घंटे से ज्यादा नियमित एक्सरसाइज करें और खेलें।
0 किसी तरह का सॉफ्ट ड्रिंक बच्चों को पीने के लिए न दें।
एक्सपर्ट : डॉ. कनक रमनानी, पीडियाट्रिशन, भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर

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