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लड़की ने अपने भाई संग की शादी तो पैदा हुए बच्चों पर हुआ यह असर, परिवारवालों को अब इस गलती पर हो रहा पछतावा

17 साल की उम्र में ही पाकिस्तान में रहने वाले उसके चचेरे भाई 27 वर्षीय शकीब महमूद से शादी हो गई

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लड़की ने अपने भाई संग की शादी तो पैदा हुए बच्चों पर हुआ यह असर, परिवारवाले अब इस गलती का कर रहे हैं पछतावा

नई दिल्ली। अकसर यह कहा जाता है कि एक ही गोत्र या परिवार में शादी नहीं की जानी चाहिए ताकि आनुवांशिक बीमारियों को रोका जा सकें। विज्ञान भी आपसी रिश्तों में संबंधों की इजाजत नहीं देता है क्योंकि इससे आने वाली पीढ़ियों को कुछ ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

आज हम आपको रूबा नामक एक लड़की की दर्दनाक कहानी बताने जा रहे हैं जिससे इस बात का अंदाजा लग जाएगा कि एक ही परिवार में शादी किस कदर नुकसान पहुंचा सकती है। रूबा इंग्लैंड के ब्रैडफोर्ड में पली बढ़ी है। रूबा को पढ़ने लिखने का शौक था, लेकिन उसके माता पिता ने उसकी शादी 17 साल की उम्र में ही पाकिस्तान में रहने वाले उसके चचेरे भाई 27 वर्षीय शकीब महमूद से करवा दी।

शादी के तीन महीने बाद रूबा ने साल 2007 में एक बच्चे को जन्म दिया जिसका नाम उसने हसम रखा। बच्चे के पैदा होते ही रूबा ने यह महसूस किया कि वह बाकी बच्चों की अपेक्षा सोता ज्यादा है। पहले पहल सभी ने इसे एक सामान्य घटना मानकर अनदेखा कर दिया, लेकिन बाद में पाया गया कि हसम के कूल्हें भी काफी सख्त हैं।

मेडिकल टेस्ट के बाद इस बात का खुलासा किया गया कि हसम आईसेल से पीड़ित है। दरअसल, रूबा और उसके पति दोनों में ही इस बीमारी से संबंधित कोशिकाएं हैं जिसके चलते इनके द्वारा पैदा होने वाले बच्चों में भी यह स्थिति आएगी जिससे बच्चे का विकास ठीक से नहीं हो पाएगा।

साल 2010 में जब दोनों को एक बेटी पैदा हुई तो वह भी आईसेल से पीड़ित थी। अपने बड़े भाई हसम की मौत के बाद ही महज तीन साल की उम्र में इस बच्ची की भी मौत हो गई। तीसबी बार भी एक बेटी पैदा हुई और वह भी आईसेल के चलते दो साल की उम्र में मर गई। अब तक रूबा अपने तीन बच्चों को खो चुकी है और 6 मिसकैरेज के दर्द से गुजर चुकी है।

स्थिति को देखते हुए रूबा और शकीब के परिवारवाले यह चाहते हैं कि अब दोनों अलग हो जाए और दोनों किसी और से दूसरी शादी कर लें ताकि आगे चलकर स्वस्थ बच्चों को जन्म दे सकें। हालांकि 10 साल एक-दूसरे के साथ रहने के बाद रूबा और शकीब अब अलग नहीं होना चाहते हैं।

रूबा अब आईवीएफ की मदद से स्वस्थ भ्रूण पाने की चाह रखती है। एक बच्चे के लिए दोनों जिस दर्द से गुजर रहे हैं वह वाकई में असहनीय है। शायद इसीलिए कहा जाता है कि एक ही परिवार, गोत्र या रिश्तेदारों में शादी करवाने से हमेशा बचना चाहिए।