
बकरे के शरीर पर लिखा मिला 'अल्लाह', कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान
नई दिल्ली: 22 अगस्त को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की तैयारी में लोग जुट गए हैं। ईदगाहों में साफ सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। इस त्यौहार को लेकर बाजारों में चहल-पहल देखी जा रही है। लोग अपनी क्षमता अनुसार त्यौहार के मौके पर बकरा की खरीदारी कर रहे हैं। बकरों की खरीदारी को लेकर लोग जामताड़ा, बंगाल तथा धनबाद सहित अन्य शहरों में अच्छे नस्ल के बकरे की खरीददारी कर रहे हैं। वहीं, बकरा मंडी में इस बार सवा लाख तक का बकरा आया है। ये बकरा हर नजरिए से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बकरे पर अल्लाह आैर हमजा लिखा हुआ
वाराणसी की इस बकरा मंडी में बकरा बेचने वाले शख्स का दावा है कि बकरे पर अल्लाह व हमजा लिखा हुआ है। इस लिहाज से उन्होंने इस बकरे की कीमत एक लाख 30 हजार रुपये लगाई है। 60 किलो वजन वाले इस बकरे को देखने के लिए बकरा मंडी में लोगों की भीड़ लगी हुई है। वहीं, बकरा मंडी में कई दुंबे भी आए हैं। मुबारकपुर से एक क्विंटल का दुंबा लेकर आए नसीम ने इसकी कीमत एक लाख 80 हजार रखी है। बकरे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। शख्स ने बताया कि इस तरह नाम लिखा पाया जाना खुदा का ही करिश्मा है। बकरे को खरीदने के लिए लोग बाहर से आ रहे हैं।
बता दें, त्याग और समर्पण का पैगाम देने वाला त्योहार बकरीद हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम द्वारा अल्लाह की राह में अपने प्रिय पुत्र हजरत इसमाईल को दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। ईद-उल-अजहा त्याग व बलिदान का पैगाम है। कुर्बानी देने के कारण अल्लाह के नजदीक हजरत इब्राहिम बहुत प्यारे थे। इस कारण उन्हें खलीलुल्लाह यानी अल्लाह का दोस्त की पदवी मिली।
बकरीद पर क्यों दी जाती है बकरे की कुर्बानी?
इस्लाम धर्म के बेहद ही प्रमुख पैगम्बरों में से एक थे हज़रत इब्राहिम. कुरान में इनके नाम का एक सूरा (अध्याय) भी है जिसे 'सूरह-इब्राहीम' कहा जाता है. इन्हीं की एक कुर्बानी के चलते बकरीद के मौके पर जानवरों (बकरे) की कुर्बानी दी जाती है.
Published on:
18 Aug 2018 12:15 pm
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