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मई-जून के महीने में भी कंबल ओढ़कर पुजारी इस मंदिर में करते हैं पूजा, अलौकिक घटनाएं इंसानी समझ से है परे

गर्मी के मौसम में भी यहां का वातावरण रहता है ठंडा माजरा अब तक लोगों की समझ से परे है

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Arijita Sen

Mar 03, 2019

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मई-जून के महीने में भी कंबल ओढ़कर पुजारी इस मंदिर में करते हैं पूजा, अलौकिक घटनाएं इंसानी समझ से है परे

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अब बस दस्तक देने ही वाला है। तपतपाती धूप में जरूरत पड़ने पर ही लोग घर से बाहर निकलते हैं। पारा चढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ती जाती है। कुछ लोग चिपचिपाहट भरी गर्मी से बचने के लिए घरों में एअरकंडीशनर लगा लेते हैं ताकि ठंडी हवा में सुकून के चंद पल गुजार सकें। हालांकि गर्मी के मौसम में अगर ठंडी और बिल्कुल ताजी हवा का लुफ्त उठाना चाहते हैं तो आप ओडिशा के टिटलागढ़ के एक मंदिर का रुख कर सकते हैं।

यहां शिव-पार्वती का एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है जिसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। ओडिशा एक गर्म राज्य है। गर्मी के मौसम में यहां का तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है, लेकिन यहां स्थित टिटलागढ़ नामक स्थान हमेशा ठंडा रहता है। इस वजह से ग्रीष्म ऋतु में यहां चैन मिलता है।

शिव-पार्वती का यह मंदिर ओडिशा के बालांगीर जिले के टिटलागढ़ में मौजूद है। कुम्हड़ा पहाड़ की पथरीली चट्टानों के कारण तापमान बहुत ज्यादा रहता है। पहाड़ की ऊंचाई पर भी यह 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन जिस जगह पर यह मंदिर बना है उसके आसपास की जगह बिल्कुल ठंडी रहती है।

अंदर प्रवेश करने पर लगता है कि जैसे एसी लगा हुआ हो। लोगों का कहना है कि शिव पार्वती की इन मूर्तियों से ही ठंडी हवा आती है जो इस जगह को बिल्कुल शीतल रखती है। कभी कभार तो ठंड इस कदर बढ़ जाती है कि गर्मी की दोपहर में भी पुजारी को कंबल ओढ़ना पड़ता है।

करीब 3000 साल पुराने इस की बात ही कुछ और है। यहां होने वाली घटनाएं भक्तों की समझ से परे है।