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वायरस के बावजूद नीले अंडों को चाव से खाते हैं इस देश के लोग, जानें क्या है खासियत

Blue Eggs : Araucana नामक जीव देती है नीले रंग के अंडे, ये चिली देश में पाई जाती हैं जींस की संरचना में हुए बदलाव के चलते अंडों के रंग में होता है बदलाव

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Soma Roy

Jun 13, 2020

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Blue Eggs

नई दिल्ली। वैसे तो अमूमन अंडे (Eggs) सफेद रंग के होते हैं। मगर काले रंग की अंडे भी सेहत का खजाना माने जाते हैं। कड़कनाथ मुर्गे के ये अंडे काले रंग के होते हैं। ये काफी दुर्लभ (Rare) होते हैं इसलिए ये काफी महंगे मिलते हैं। मगर क्या कभी आपने नीले रंग के अंडे (Blue Eggs) देखे हैं। अब आप सोच रहे होंगे, भला ये अंडे कहां मिलते हैं और कौन इन्हें खाता होगा। दरअसल ये खास रंग के अंडे Araucana नामक जीव देती है। ये चिली देश में पाई जाती हैं। माना जाता है कि वायरस (Virus) के हमलों के कारण इनके अंडे का रंग नीला होता है।

जगह से पड़ा मुर्गी का नाम
माना जाता है कि सबसे पहले इस मुर्गी को साल 1914 में देखा गया था। इसे स्पेन के पक्षी वैज्ञानिक Salvador Castelló ने देखा था। चूंकि ये मुर्गी चिली के Araucanía इलाके में देखी गई थी, इसलिए इसका नाम Araucana रख दिया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार ये घरेलू चिकन की ही एक किस्म है।

रेट्रोवायरस की वजह से अंडों का बदल जाता है रंग
वैज्ञानिकों के अनुसार रेट्रोवायरस के हमले की वजह से अंडों का रंग नीला होता है। ये वे वायरस हैं जो सिंगल RNA होते हैं। ये मुर्गियों में प्रवेश कर उनके जीनोम की संरचना को बदल देते हैं। इन रेट्रोवायरस को EAV-HP कहते हैं। जींस की संरचना में बदलाव के कारण चिकन के अंडों का रंग बदल जाता है। हालांकि वायरस के बावजूद ये खाने में बिल्कुल सुरक्षित होते हैं। क्योंकि ये महज अंडों की बाहरी संरचना को प्रभावित करते हैं। यूरोपियन देशों और अमेरिका में ये चिकन और इसके अंडे काफी चाव से खाए जाते हैं।