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जन्म से ही न बोल पाता न हिल पाता है ये बच्चा, फिर भी लिख दी किताब, जानें कैसे

इंग्लैंड में रहने वाले 12 साल के जोनाथन ब्रायन को जन्म से गंभीर सेरेब्रल पाल्सी बीमारी है।

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Vinay Saxena

Aug 01, 2018

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जन्म से ही न बोल पाता न हिल पाता है ये बच्चा, फिर भी लिख दी किताब, जानें कैसे

नई दिल्ली: कहते हैं अगर जज्बा है तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। इस बात को इंग्लैंड में 12 साल के एक बच्चे ने साबित कर दिखाया है। यह बच्चा एक ऐसी बीमारी से पीड़ित है, जिसकी वजह से वह न बोल पाता है और न ही उसके शरीर का कोई अंग काम करता है। इसके बावजूद उसने एक किताब लिख दी।

‘आई कैन राइट’ नाम की किताब लिखी


इंग्लैंड में रहने वाले 12 साल के जोनाथन ब्रायन को जन्म से गंभीर सेरेब्रल पाल्सी बीमारी है। वह हर वक्त व्हीलचेयर पर रहता है। अपने शरीर को हिला भी नहीं पाता। उसने ‘आई कैन राइट’ नाम की किताब लिख दी है।

कैसे लिखी ‘आई कैन राइट’ किताब?

जी हां, आपके मन में भी यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर ऐसा बच्चा एक किताब कैसे लिख सकता है? तो हम बता दें कि उसने यह किताब इशारों में लिख दी है। जोनाथन ब्रायन के माता-पिता पहले उससे इशारों में बात करते थे। 9 साल की उम्र में वह कुछ शब्दों का उच्चारण करना सीख गया। इसके बाद ई-ट्रेन फ्रेम की मदद से वह लोगों से बात करने लगा।

क्या होता है ई-ट्रेन फ्रेम, कैसे करता है काम

ई-ट्रेन फ्रेम कलर कोडिंग सिस्टम वाला चौकोर पारदर्शी प्लास्टिक बोर्ड होता है। शरीर से लाचार व्यक्ति इस पर बने चित्रों या शब्दों को आंखों के इशारों से बताता है। इसी तरह वह पूछे गए सवालों के जवाब दे सकता है।

एक साल में पूरी हुई किताब

जोनाथन के मां-बाप के मुताबिक, वह बच्चे की आंखों की तरफ देखते, वह आंखों के इशारों से जो बताता है, उसे लिख लिया जाता। सीखने के दौरान उसने ईश्वर में अपने विश्वास की बात बताई, जो उसके जीवन का अहम हिस्सा थी। इस किताब को लिखने में एक साल लगे। परिजनों की मानें तो इसकी बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल ई-ट्रेन फ्रेम एजुकेशन सिस्टम को बढ़ावा देने में किया जाएगा।