
नई दिल्ली: जिंदगी है तो सुख-दुख भी है, लेकिन कई बार कई गलतियां हमारी जिंदगी बदलकर रख देते हैं। ऐसा ही कुछ एक महिला के साथ हुआ। दरअसल, मैरी मैकार्डी पहले तो बीमार हुई और फिर उन्होंने अपनी आवाज हमेशा के लिए खो दी। अब आप सोच रहे होंगे कि भला बीमार होने का आवाज जाने से क्या संबंध है। तो चलिए आपको पूरा मामला बताते हैं।
मैरी ने बताया कि एक दिन जब सुबह वो उठी तो उन्हें सर्दी-जुकाम था। एक-दो दिन में जांच के बाद पता चला कि उन्हें ब्रोंकाइटिस है। एक हफ्ते तक गले में खराश रही और तेज बुखार भी रहा। इसके बाद बुखार ठीक हुआ और फेफड़ों का संक्रमण भी खत्म हुआ और तबीयत सुधरने लगी। लेकिन एक दिन उन्हें पता चला कि उनके गले में तीन पैसे का सिक्का फंसा है। ये घटना साल 1970 की है और उस वक्त मैरी 12 साल की थी। ब्रिटेन में जन्मी मैरी अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया ( Australia ) आ गईं। वह धीरे-धीरे वहां की भाषा सीखने लगीं और एक नई जिंदगी शुरू करने लगीं। लेकिन, एक महीने में ही उनकी पूरी दुनिया बदल गई। ध्यान देने वाली बात ये है कि लगभग 6 हफ्ते बाद भी गले से आवाज नहीं निकली। धीरे-धीरे मैरी ने यह मान लिया कि अब वो कभी नहीं बोल पाएंगी। धीरे-धीरे मैरी अवसाद का शिकार हो गईं। वो न ही रो सकती थीं और न ही किसी बात पर अपना गुस्सा जाहिर कर सकती थीं।
उन्होंने कहा कि आवाज जाने की वजह से मैं बिल्कुल अकेली हो गई और 14 साल की उम्र में मैंने आत्महत्या कि भी कोशिश की। उसके बाद उन्हें मानसिक रोगियों के अस्पताल भेज दिया गया। जब वह 25 साल की थीं, तब एक दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें खांसी आने लगी और उनके मुंह से खून आने लगा। तब उन्हें पता चला कि उनके गले में कुछ फंसा है। डॉक्टर ने देखा कि मैरी के गले में एक बलगम का टुकड़ा जैसा कुछ फंसा है। जब डॉक्टरों ने उसे बाहर निकाला, तो देखा कि वो बलगम नहीं बल्कि तीन पैसे का सिक्का था। मैरी के गले में ये सिक्का 1960 से फंसा हुआ था, लेकिन उन्हें बिल्कुल भी पता नहीं कि ये सिक्का उनके गले में कैसे फंसा था। गले से सिक्का निकलते ही मैरी की आवाज वापस आ गई।
Published on:
06 Nov 2019 02:56 pm
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