
Pilli Devi
नई दिल्ली। चाय और अपने देश के लोगों के बीच गहरा संबध है। अपने देश में ऐसे बहुत से लोग है जिनकी सुबह की शुरूआत चाय की चुस्कियों के साथ ही होती है। वक्त के साथ चाय पीने का अंदाज भी बदलता जा रहा है। अब आंखें मलते हुए सुबह सुबह लोग बेड टी पीना पसंद करते है। बिना ब्रश किए बिस्तर पर ही चाय की चुस्कियां ले रहे है। देश की तकरीबन 80 से 90 फीसद जनसंख्या सुबह उठने के साथ ही चाय पीना पसंद करती है। वे चाय के स्वाद के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करते। चाय प्रेमियों का मानना है कि चाय की एक चुस्की एनर्जी से भरपूर होती है। उनका मानना है कि चाय दिनभर की थकान मिटाने में काफी मददगार साबित होती है। आज आपको एक महिला के बारे में बताने जा रहे है सिर्फ चाय पीकर ही जिंदा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह महिला पिछले 33 सालों से सिर्फ ही पी रही है। इसलिए इसका नाम 'चाय वाली चाची' पड़ गया।
डॉक्टर भी हैरान
एक रिपोर्ट के अनुसार, 33 साल से यह महिला सिर्फ चाय पीकर ही जिंदा है। यह महिला कोरिया जिले के बैकुन्ठपुर विकासखण्ड के बरदिया गांव की रहने वाले है। इस महिला का नाम पल्ली देवी है। लेकिन आसपास के क्षेत्र में यह चाय वाली चाची के नाम से काफी मशहूर है। आपको यह जानकर हैरानी हो कि यह पिछले 33 सालों से ये केवल चाय पीकर ही जीवित हैं। साथ ही पूरी तरह से स्वस्थ्य भी हैं। इस महिला को देखकर डॉक्टर भी हैरान हैं।
चाय वाली चाची के नाम है मशहूर
पल्ली देवी को स्थानीय लोग कई नाम से पुकारते है जैसे ‘चाय वाली चाची’ या ‘चाय वाली आंटी’ आदि। लोगों का कहना है कि वाकई यह चौंकाने वाली बात है कि वह पिछले इतने सालों से सिर्फ चाय पीकर ही जीवत है। खास बात यह है कि वह कुछ के अलावा कुछ नहीं खाती पीती है।
बचपन में ही छोड़ दिया था खाना
44 वर्षीय पल्ली देवी के पिता का कहना है कि जब वह 6वीं कक्षा में थीं, तबसे इन्होंने भोजन करना छोड़ दिया था। बचपन में वो चाय के साथ बिस्किट, ब्रेड लेती थीं। फिर धीरे धीरे उन्होंने सब कुछ खाना छोड़ दिया। अब वह केवल चाय ही पीती हैं। एक इंटरव्यू में पल्ली देवी ने बताया कि अब उन्हें भूख ही नहीं लगती। दिन ढलने के बाद वे लाल चाय पी लेती हैं।
Published on:
10 Mar 2021 01:38 pm
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