
बाज और उल्लू रख रहे हैं 'पुतिन' की गद्दी पर नज़र, राष्ट्रपति भवन पर मंडरा रहा है ये खतरा
नई दिल्ली।रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन की इमारत पर कौओं का प्रकोप मंडरा रहा है। यहां के राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास की कई इमारतों पर कौओं ने डेरा जमा रखा है। कौओं से भवन की हिफाजत करने के लिए यहां बाजों-उल्लुओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। कौओं को खदेड़ने के लिए यहां बाजों-उल्लुओं की यूनिट का गठन सन 1984 में ही कर दिया गया था। ये बाज और उल्लू अब मास्को ( Moscow ) में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ( Vladimir Putin ) की सत्ता की रक्षा करने में लगे हैं।
दी गई है खास ट्रेनिंग
इस यूनिट में 10 से ज्यादा बाज और उल्लू हैं। इस टीम में एक बाज का नाम अल्फा है जो करीब 20 साल का एक मादा बाज और उसका साथी उल्लू फाइल्या शामिल है। इन्हें इस तरह से ट्रेन किया गया है कि ये कौओं की आवाज़ सुनते ही उनपर झपट पड़ते हैं। इनको ऐसी ट्रेनिंग दी गई है कि वे राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन The Moscow Kremlin और उसके आसपास की इमारतों पर कौओं को घोंसला तक न बनाने दें। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कौओं का मल-मूत्र न केवल गंदगी नहीं फैलता है बल्कि उनसे कई तरह की बीमारियां भी होती हैं।
आखिर बाज और उल्लू ही क्यों चुने गए इस काम के लिए
पहले यहां कौओं को मार गिराने के लिए गार्ड रखे गए थे। लेकिन उनके बढ़ते उत्पात को देखते हुए पक्षियों को चुना गया। अब यहां सवाल यह उठता है कि आखिर बाज और उल्लू ही क्यों इस काम के लिए चुने गए? बता दें कि बाज बेहतरीन शिकारी होते हैं और वह दूर से ही अपने शिकार को देख लेने में सक्षम होते हैं। जहां बाज दिन में राष्ट्रपति भवन पर नज़र रखते हैं वहीं रात में उल्लू यहां की इमारतों पर नज़र रखते हैं क्योंकी वे रात में भी देख पाने में सक्षम होते हैं और एक बेहतरीन शिकारी भी।
Updated on:
03 Apr 2019 11:54 am
Published on:
03 Apr 2019 11:50 am

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