26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चमत्कार! ये मुर्गा सिर काटने के बाद भी रहा था 18 महीने तक जिंदा, देखने वालों का लगता था तांता

अमेरिका में हुआ था ये अद्भुत चमत्कार आम लोग से लेकर वैज्ञानिक भी रह गए थे हैरान

2 min read
Google source verification
He was alive for 18 months even after cutting the cock head in america

He was alive for 18 months even after cutting the cock head in america

नई दिल्ली: इंसान हो या फिर जानवर हर किसी की मृत्यु का एक समय निश्चित होता है, लेकिन क्या सिर काटने के बाद कोई इंसान ( Human ) या भी जानवर जिंदा रह सकता है? हर किसी का जवाब यही होगा कि नहीं भला ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन ऐसा हो चुका है। चौंकिए मत जनाब क्योंकि आज से 72 साल पहले अमेरिका ( America ) में ऐसा चमत्कार हो सकता है। चलिए आपको पूरा मामला बताते हैं, जो इस बात का सबूत बनी हुई है।

पाकिस्तानी 'हल्क' को चाहिए दुल्हनिया, लेकिन वजन होना चाहिए 100 किलो

दरअसल, 72 साल पहले अमेरिका में एक मुर्गे ( Cock ) का सिर काटने के बाद भी वो लगभग 18 महीने तक जिंदा रहा था। ये बात तब भी लोगों को हैरान करती थी और आज भी। इसका नाम था 'मिरेकल माइक'। बात 10 सितंबर 1945 की है जब 10 सितंबर 1945 को कोलाराडो के फ्रूटा में रहने वाले किसान लॉयड ओल्सेन अपनी पत्नी क्लारा के साथ अपने फार्म पर मुर्गे और मुर्गियों को काट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने माइक नाम के मुर्गे का सिर काटा, उस वक्त उसकी उम्र साढ़े 5 महीने थी। सिर काटने के बाद मुर्गा मरा नहीं बल्कि, दौड़ाने लगा। ऐसे में लॉयड ने मुर्गे को एक बक्से में बंद कर दिया और जब सुबह बक्सा खोलकर देखा तो वो जिंदा था। इसके बाद ये खबर आग की तरह अमेरिका के शहरों में फैल गई। कहा जाता है कि उस वक्त साल्ट लेट सिटी में स्थित यूटा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ये जानने के लिए कि आखिर कैसे कोई मुर्गा बिन सिर के कैसे जिंदा रह सकते हैं के लिए कई मुर्गों का सिर काट दिया, लेकिन उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुर्गे को ड्रॉप से जूस आदि चीजें दी जाती थी। यही नहीं उसकी भोजन नली को सीरिंज से साफ किया जाता था। ऐसा इसलिए ताकि उसका दम न घुटे। लेकिन वो घड़ी भी आई जब माइक की मौत हो गई। मार्च 1947 में उसी मौत हो गई। मौत के पीछ वजह बताई गई कि लॉयड उसे जूस देने के बाद उसकी भोजन नली को सीरिंज से साफ नहीं कर पाए थे, क्योंकि वो सीरिंज को दूसरी जगह लगाकर भूल गए थे और माइक की मौत हो गई। माइक को देखने के लिए लॉयड ने टिकट लगा दिया था औरक हा जाता है कि उस समय में उनकी हर महीने 4500 डॉलर ( आज के हिसाब से लगभग 3 लाख 20 हजार रूपये ) की कमाई होती थी।