
Strange : एक हाथ पर दवा लगाकर दूसरे हाथ पर कटवाने होंगे मच्छर
एडिनबर्ग. हर साल लाखों लोग मच्छरों के काटने से बीमार होते और बड़ी संख्या में मौत भी हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी हो तो मच्छरों पर काबू पाना सीखा जा सकता है।
मिज यानी छोटे मच्छरों से बचने की दवा बनाने वाली स्कॉटिश कंपनी एपीएस बायोकंट्रोल अपनी नई दवा के परीक्षण के लिए अनूठा ऑफर लाई है। कंपनी को दवा के ट्रायल के लिए 10 महिला-पुरुषों की आवश्यकता है, जिनकी उम्र 18 साल से अधिक हो। इसके लिए इन लोगों को आठ घंटे बाहर खड़े रहकर ट्रायल से गुजरना होगा। परीक्षण के दौरान एक हाथ में दवा लगाई जाएगी, जबकि दूसरा हाथ खुला छोड़ दिया जाएगा। दवा के असर से मरने वाले मच्छरों को गिनना भी पड़ेगा। इसके लिए कंपनी तय राशि देगी। यह परीक्षण पश्चिमी स्कॉटलैंड के इनवेरारे में होगा, जो छोटे मच्छरों के कुख्यात है।
आद्र्र और गर्म परिस्थितियों में पनपते हैं
एपीएस बायोकंट्रोल की डॉ. एलिसन ब्लैकवेल का कहना है, छोटे मच्छर त्वचा पर काट सकते हैं, लेकिन यह खतरनाक नहीं होगा। छोटे मच्छर आद्र्र और गर्म परिस्थितियों में पनपते हैं। डॉ. ब्लैकवेल के मुताबिक यदि आप केमिस्ट से कोई उत्पाद खरीदते हैं और वह कहता है कि यह त्वचा पर लगाने के बाद आठ घंटे तक सुरक्षा करता है, ऐसे में इस दावे के समर्थन में डाटा जरूरी है।
फोटोग्राफर भी हुए मिज का शिकार
डॉ. ब्लैकवेल ने बताया कि पिछले हफ्ते हाइलैंड्स में कैंप के दौरान 34 वर्षीय पेशेवर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर जेम्स रॉडी मिज के झुंड का शिकार हो गए थे। उन्होंने घटना को कैमरे में कैद किया था। माली में मच्छरों पर काम करने वाले वैज्ञानिक टोवी लेहमैन के मुताबिक मच्छर बीमारी फैलाने वाले अन्य जीवों से कम खतरनाक नहीं हैं।
Published on:
22 Aug 2023 12:38 am
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