13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां रात होते ही आती हैं चीखने-चिल्लाने की आवाजें, दौड़ती दिखाई देती है सिर कटी लाशें

दुनियाभर में कई ऐसे रहस्यमयी स्थान हैं जहां जाने से पहले लोगों की रुह कांप उठती है।

2 min read
Google source verification

image

Vinay Saxena

Oct 05, 2018

ghost

यहां रात होते ही आती हैं चीखने-चिल्लाने की आवाजें, दौड़ती दिखाई देती है सिर कटी लाशें

नई दिल्ली: दुनियाभर में कई ऐसे रहस्यमयी स्थान हैं जहां जाने से पहले लोगों की रुह कांप उठती है। बताया जाता है कि इन जगहों पर भूत—प्रेत और आत्माओं का साया है। आज हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बता रहे हैं।

हॉगकॉग में स्थित साई यिंग पुन मानसिक अस्पताल को 1892 में बनाया गया था। दूसरे विश्व युद्द में इसे नर्सिंग स्टाफ क्वार्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। ऐसा भी कहा जाता है कि युद्ध के समय सैनिक इस जगह को फांसी घर के तौर पर इस्तेमाल करते थे। 1971 में यहां पर मनोविज्ञान का काम किया जाने लगा था। लोगों का कहना है कि इस अस्पताल के आसपास रात के समय में चीखने-चिल्लाने की आवाजें आती है। इसके अलावा यहां पर सिर कटी हुई डरावनी आकृतियां दौड़ती-भागती दिखाई देती हैं।

अमरीका के फ्लोरिडा में स्थित है रॉयल होप अस्पताल। ये अस्पताल सन् 1784 से 1821 के बीच स्पेनी मिलिट्री अस्पताल के तौर पर काम किया करता था। इस अस्पताल में घायल सैनिकों का इलाज करवाया जाता था। इसे एक पुराने कब्रगाह के ऊपर बनाया है।

बताया जाता है कि कब्रगाह होने की वजह से यहां पर भूतों की डेरा है। यहां पर काम करने वाले डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी के मुताबिक यहां पर इस्तेमाल किए जाने वाले इक्विपमेंट्स अपने आप गिरने लगते है। लोगों का मानना है कि ऐसा यहां पर भटकने वाली आत्माएं करती हैं।

इसके अलावा कनाडा में स्थित ट्रैंन्क्विले आरोग्य निवास किसी समय में पशु फार्म हुआ करता था। कुछ वर्ष बाद इसे टीबी के उपचार करने के लिए अस्पताल में बदल दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद ही इसे बंद कर दिया गया। इसके बंद करने से पहले यहां पर करीब चार हजार टीबी के मरीजों का इलाज किया गया था। ये सभी मरीज और स्टाफ अचानक लापता हो गए, जिनका आजतक कुछ पता नहीं चल सका। जिसके कारण इसे भूतिया मानकर बंद कर दिया गया। आज भी ऐसा कहा जाता है कि इस अस्पताल में जाने वाला लौटकर वापस नहीं आता।