28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रणबीर कपूर निकले आम मकान मालिकों जैसे, एक औरत ने लगाया इनपर ये संगीन इल्जाम

उनके फैन फॉलोअर्स की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही कि इसी बीच उनके साथ कुछ ऐसा हो गया जिससे उनकी खुशी पर मानों ग्रहण लग गया।

2 min read
Google source verification

image

Arijita Sen

Jul 21, 2018

 रणबीर कपूर

रणबीर कपूर निकले आम मकान मालिकों जैसे, एक औरत ने लगाया इनपर ये संगीन इल्जाम

नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों हर कही छाए हुए हैं। संजू में उनके द्वारा निभाए गए किरदार की हर जगह तारीफ हो रही है। उनके फैन फॉलोअर्स की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही कि इसी बीच उनके साथ कुछ ऐसा हो गया जिससे उनकी खुशी पर मानों ग्रहण लग गया। हाल ही में एक महिला ने रणबीर कपूर के खिलाफ मुकदमा ठोका है और उनसे 50 लाख रुपए की मांग भी की है।

बता दें, यह महिला फिल्मी दुनिया से ताल्लुक नहीं रखती बल्कि यह तो रणबीर की किराएदार है। दरअसल, पुणे के कल्याणी नगर में स्थित ट्रंप टावर्स में रणबीर कपूर का एक आलीशान फ्लैट है। इस फ्लैट को रणबीर ने पिछले काफी समय से किराए पर दे रखा था, लेकिन हाल ही में उस फ्लैट को अचानक खाली करवाया गया।

बता दें, किराएदार शीतल सूर्यवंशी ने मकान मालिक रणबीर पर आरोप लगाते हुए कहा कि, एग्रीमेंट में अभी कुछ समय बचा हुआ था, लेकिन रणबीर ने फ्लैट को उससे पहले ही खाली करवाने का फरमान जारी कर दिया। शीतल ने रेंटल एग्रीमेंट की शर्तों को ना मानने और निर्धारित समय से पहले फ्लैट खाली करवाने का आरोप लगाते हुए रणबीर पर केस दर्ज कराया है।

शीतल का कहना है कि, इन सब के चलते उन्हें और उनके परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और इसीलिए उन्होंने क्षतिपूर्ति की मांग की है। शीतल ने सिविल कोर्ट से डैमेज के तौर पर कुल 50 लाख रुपए की मांग की है।

जब रणबीर से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि, उन्होंने शीतल रघुवंशी को अपार्टमेंट खाली करने के लिए नहीं कहा था, बल्कि रेंट अग्रीमेंट में यह साफतौर पर लिखा है कि, किराए पर लिए जाने के बाद अपार्टमेंट 12 महीनों के लिए अलॉट कर दिया गया है।

इतना ही नहीं, रणबीर ने तो यह तक कह डाला कि,शीतल खुद अपनी मर्जी से अपार्टमेंट खाली करके गई है और तो और उन्होंने 3 महीने का किराया तक नहीं दिया है। हालांकि इस रकम को मकान मालिक ने सिक्योरिटी डिपॉजिट से काट लिया है।

बता दें, किराएदार और मकान मालिक के बीच हुए इस केस की अगली सुनवाई 28 अगस्त को है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि फ्लैट का किराया दोनों पक्षों के बीच कितना तय किया गया था।