
मंदिर में जाकर इसलिए लोग बजाते हैं घंटी, विज्ञान भी स्वीकारता है इसका महत्व
नई दिल्ली। भारत एक ऐसा देश है जहां कई धर्म के लोग मिल-जुल कर एक साथ रहते हैं। यहां मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे सभी कुछ देखने को मिलते हैं। हालांकि इन जगहों में जाकर कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। जैसे कि शान्ति बनाए रखना, सिर पर कपड़ा रखना इत्यादि। अगर मंदिरों की बात करें तो यहां प्रवेश करने पर इंसान सबसे पहले घंटी बजाता है।
ऐसा कहा जाता है कि इससे भगवान जाग जाते हैं और अपने भक्त की प्रार्थना को सुनते हैं। घंटी बजाने का तात्पर्य देवताओं के समक्ष आपकी हाजिरी लगाना होता है। ऐसी मान्यता है कि, घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती है और जिसके बाद उनकी पूजा करना और भी अधिक फलदायक होता है।
इन सभी चीजों से एक बात तो स्पष्ट है कि धार्मिक रूप से घंटी का बेहद महत्व है। हालांकि आज हम आपको इसके पीछे की वैज्ञानिक कारण बताएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि,घंटी बजाने से वातावरण में एक कंपन पैदा होता है। इस कंपन के वायुमंडल में फैलने से जीवाणु, विषाणु इस तरह के सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है।
यही वजह है कि जिन जगहों पर घंटी बजने की आवाज नियमित रुप से आती है, वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है। इससे पॉजिटिव शक्तियों का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है। इसके साथ घंटियों की ध्वनि का मानव मष्तिक और मन पर भी बेहद गहरा प्रभाव पड़ता है।
इससे शान्ति का अनुभव होता है जिससे स्ट्रेस लेवल काफी हद तक कम होता है। इसी वजह से लोग घर के दरवाजों और खिड़कियों पर भी विंड चाइम्स लगवाते हैं, ताकि उसकी ध्वनि से नकारात्मक शक्तियां हटती रहें और सकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश कर सकें।
Published on:
17 Sept 2018 05:10 pm
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