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यहां होता है जिंदा लोगों का अंतिम संस्कार, सामने आई चौंकाने वाली वजह

दक्षिण कोरिया में होती है ये प्रकिया लोग अपनी इच्छा से करते हैं ये काम

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नई दिल्ली: जिंदगी कितनी अनमोल है, इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि लोग स्वस्थ रहने के लिए क्या नहीं करते। कोई योगा करता है, तो कोई जिम जाता है, तो कोई अपने खाने-पीने की चीजों का विशेष ध्यान देता है। लेकिन क्या आपने कभी किसी को मरने से पहने ही मौत का स्वाद चखते हुए देखा है। शायद नहीं, लेकिन हम आपको ऐसे जगह और लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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दरअसल, दक्षिण कोरिया ( South Korea ) के लोग इन दिनों जिदंगी को बेहतर ढंग से समझने और इस सुधारने के लिए 'लिविंग फ्यूनरल' का सहारा ले रहे हैं। इसमें ये लोग मौत का स्वद चख रहे हैं। इस प्रक्रिया के दौरान व्यक्ति 10 मिनट तक ताबूत में कफन ओढ़कर लेटा रहता है। साथ ही इससे पहले वो सारी रस्में की जाती हैं जो एक इंसान की मौत के बाद असल जिंदगी में की जाती है। यहां पिछले 7 साल में लगभग 25 हजार लोग जिंदा रहते हुए भी अंतिम सस्कार की इस अनोखी प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। साल 2012 में लिविंग फ्यूनरल' की शुरुआत ह्योवोन हीलिंग कंपनी ने की थी।

इस प्रक्रिया को लेकर कंपनी का दावा है कि लोग स्वेच्छा से उनके पास आते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जीवन खत्म होने से पहले मौत का अहसास करके वो अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं। 75 साल के चो जे-ही ने हाल ही में ह्योवोन हीलिंग सेंटर के 'डाइंग वेल' प्रोग्राम में 'लिविंग फ्यूनरल' को अनुभव किया। इसके बारे में उनका कहना है कि एक बार जब आप मौत को महसूस कर लेते हैं तो उसे लेकर सजग हो जाते हैं। तब आप जीवन में एक नया दृष्टिकोण अपनाते हैं। वहीं आसन मेडिकल सेंटर के पैथोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर यू यून-साइल ने बताया कि कम उम्र में भी मौत के बारे में सीखना और उसकी तैयारी करना महत्वपूर्ण है।