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नई दिल्ली। सूर्य के बिना यह धरती कुछ भी नहीं है। जब तक सूर्य उदय नहीं होता चारों तरफ अंधकार फैला रहता है। जैसे ही सूर्य की किरण धरती पर पड़ती है, धीरे-धीरे अंधकार समाप्त हो जाता है। आज आपको कुछ ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां के लोग सूर्य की एक किरण के लिए तरसते हैं। यह गांव दिन में भी अंधकार में डूबा रहता है। इस गांव के चारों तरफ पहाड़ियां ही पहाड़ियां है। यह चारों तरफ पहाड़ियों के गिरे होने के कारण सूर्य की किरण पहुंच नहीं पाती है। अंधेरा दूर करने के लिए यह लोग देसी तरीके आजमाते है और गांव में उजाला करते है।
यहां दिन में भी रहता है अंधेरा
एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक सर्कल के उत्तर में एक अनोखा शहर है। इसका नाम टॉम्सो शहर है। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर हर साल नवबर से जनवरी तक सर्दियों के तीन महीने तक यहां पर सूरज की एक भी किरण नहीं पड़ता है। यहां पर लोग दिन में अंधेरे में रहते है। इसी प्रकार से दक्षिण की बात करें तो नॉर्वे का रजुकान गांव में भी सूर्य नजर नहीं आता है।
पहाड़ों पर लगाए गए विशाल सन मिरर
ऐसा कहा जाता है कि यहां पर करीब छह महीनों तक सूर्य की रोशनी नजर नहीं आती है। इस जगह पर लोग सदियों से रह रहे है। अंधेरे में रहने के कारण यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि अब लोग अंधेरे को दूर करने के लिए कई तरह के तरीके आजमाते है। विशेषज्ञों ने इस परेशानी को दूर दिया है। स्थानीय लोगों की मदद से पहाड़ों के ऊपर मिरर लगा दिए है। जिसकी मदद से गांव में रोशनी रहने लगी है। सूर्य के प्रकाश की दिशा में पहाड़ों पर बहुत बड़े सन मिरर लगाए गए है। इनसे सूर्य की किरणों परावर्तित होकर पहाड़ी की तलहटी में रोशनी की है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अंधेरा दूर करने का आइडिया इंजीनियर सैम आइड का था। जिसको पूरा मार्टिन एंडरसन ने किया है। उन्होंने स्थानीय अधिकारिय की मदद से 8 लाख डॉलर की लागत से सन मिरर लगवाए थे। अब यहा के लोग उजाले में रह रहे है।
Published on:
03 Mar 2021 01:21 pm
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