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इस पेड़ की सुरक्षा करती हैं मिलिट्री फोर्स, सालाना खर्च होते हैं 15 लारु, जानें क्या है इस पेड़ का रहस्य

-भोपाल और विदिशा के बीच स्थित सलामपुर की पहाड़ी पर लगे बोधि वृक्ष की 24 घंटे सुरक्षा कर रहे हैं 4 सुरक्षा गार्ड।-इस पेड़ की सुरक्षा में हर साल खर्च होते हैं 12 से 15 लाख रुपए।- कहते हैं जिस पेड़ के नीचे महात्मा बुद्ध को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी, यह उसी की टहनी से लगा पेड़ हैं।

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बड़े बुजुर्ग कहते आए हैं कि पेड़-पौधे हैं तो इंसान का जीवन संभव हैं। क्योंकि मनुष्य को ऑक्सीजन पेड़ों से ही मिलती है। सरकार पेड़-पौधे लगाने के लिए कई तरह के अभियान चलाती रहती हैं ताकि प्रकृति बची रहे। पेड़ पौधों की वजह से बारिश का होना संभव होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारत सरकार के लिए बहुत ही अहम है। जिसकी गार्ड 24 घंटे सुरक्षा करते हैं। उसके रख-रखाव पर सालाना करोड़ों रुपए खर्च होते हैं।

क्या है इस पेड़ का रहस्य
इस पेड़ को वर्ष 2012 में 21 सितंबर को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने लगाया था। यह एक बोधि वृक्ष है। बौद्ध धर्म में बोधि वृक्ष का खास महत्व होता है। तीसरी शब्तादी में बोधि वृक्ष की एक टहनी को भारत से श्रीलंका ले जाया गया था और उस टहनी को श्रीलंका के अनुराधापुरा में लगाया गया था।

इसी पेड़ के नीचे महात्मा बुद्ध को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह उसी बोधि वृक्ष की टहनी थी, जिसके नीचे महात्मा बुद्ध को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए इस बोधि वृक्ष के महत्व को देखते हुए सरकार ने इसकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए है ताकि ये प्राचीन वृक्ष पूरी तरह से सुरक्षित रह सके।

सुरक्षा पर सालाना खर्च होते हैं करोड़ों
इस बोधि वृक्ष का पेड़ मध्यप्रदेश में भोपाल और विदिशा के बीच स्थित सलामपुर की पहाड़ी पर लगा है। ये एक बरगद का पेड़ है, जिसे किसी सुपरस्टार जैसा ट्रीटमेंट मिला हुआ है।इतना ही नहीं इस पेड़ की सुरक्षा में हर साल 12 से 15 लाख रुपए भी खर्च होते है।

सुरक्षा में तैनात हैं 4 गार्ड
आपको यह जानकारी हैरानी होगी कि इस पेड़ की सुरक्षा में चार गार्ड लगे हुए तो सातों दिन इसकी 24 घंटे सुरक्षा करते हैं। इस पेड़ के लिए विशेष तौर पर पानी के टैंकर की व्यवस्था भी की गई है।