21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुगलों के बारे में अब तक नहीं पता होगी यह बात, अकबर से लेकर औरंगजेब तक खाते थे इस तरह का खाना, जानकर उड़ जाएंगे होश

उस जमाने के चर्चित बादशाह खाने में क्या पसंद करते थे? कैसी थी इस मामले में उनकी रुचि?

3 min read
Google source verification

image

Arijita Sen

Nov 12, 2018

मुगल काल

मुगलों के बारे में अब तक नहीं पता होगी यह बात, अकबर से लेकर औरंगजेब तक खाते थे इस तरह का खाना, जानकर उड़ जाएंगे होश

नई दिल्ली।मुगल काल के बारे में आज भी भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा हुआ है। उनकी शानों-शौकत, रहन-सहन, स्थापत्य शैली और उनका खान-पान हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है। टीवी या सिनेमा के पर्दे पर उनके ऊपर बनी फिल्मों को हम बहुत ही रुचि के साथ देखते हैं और समझने का प्रयास करते हैं। मुगलों द्वारा बनाए गए किलों और महलों के देखकर आज भी इंसान हैरान रह जाता है। वाकई में बेहद खास रहा होगा सदियों पुराना वह जमाना।

1526 में मुगल साम्राज्य की शुरुआत हुई और 19वीं शताब्दी के मध्य काल तक मुगल राज्य पूरी तरह समाप्त हो चुका था। उनके द्वारा बनाई गई पुरानी इमारतों को देखकर हमें कुछ हद तक इस बात का तो पता लग जाता है कि वे कैसे रहते थे, वे किस तरह के परिधान पहनते थे इसके बारे में भी हम कुछ हद तक अंदाजा लगा सकते हैं। अब जो सवाल हमारे दिमाग में अकसर घूम-फिर कर आ जाता है वह यह है कि वे क्या खाते थे? उस जमाने के चर्चित बादशाह खाने में क्या पसंद करते थे? कैसी थी इस मामले में उनकी रुचि? आइए आज हम आपको बताते हैं कि किस तरह के व्यंजनों को चखना पसंद करते थे मुगलकालीन शहंशाह।

बाबर

सबसे पहले बात करते हैं बाबर के बारे में, जिन्होंने भारत में इसकी नींव रखीं। बाबर को भारतीय व्यंजनों को खाने का शौक था। फ्रेश सॉल्ट फिश के वे शौकीन थे। उनके बारे में एक और खास बात यह थी कि वे सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन शराब को हाथ तक नहीं लगाते थे।

हुमायूं

अब बात करते हैं बाबर के बेटे हुमायूं के बारे में जिन्हें खिचड़ी खाना बहुत पसंद था।अपने जीवन का अधिकतर हिस्सा उन्होंने ईरान में व्यतीत किया और इसी के चलते उनकी हर बात में Persia की झलक साफ दिखाई देती है।

अकबर

हुमायूं के बेटे सम्राट अकबर को शुद्ध-शाकाहारी खाना पसंद था। एक विशेष रसोई में उनके लिए हर रोज खाना पकाया जाता था। यह रसोई शुरु से लेकर अंत तक गुजाब जल की सुगंध से महकता था।इतिहासकारों का ऐसा मानना है कि, अपनी जिंदगी के आखिरी क्षणों में वे बहुत ही कम मात्रा में भोजन ग्रहण करते थे। पूरे दिन में केवल एक बार ही वे खाना खाते थे। पीने के लिए वे सिर्फ गंगाजल का उपयोग करते थे।

जहांगीर

जहांगीर शराब के आदी थे। उन्हें भोजन का ज्यादा शौक नहीं था। पूरे दिन में वे कई ग्लास वाइन पीते थे और साथ ही अफीम भी लेते थे। उनके बारे में एक खास बात यह थी कि वे यमुना नदी के पानी के बिना गुजारा नहीं कर सकते थे।

शाहजहां

शाहजहां को मादक द्रव्यों का उतना शौक नहीं था। वे कभी-कभार ही इसका सेवन करते थे।हालांकि वे मसालेदार पकवानों के बेहद शौकीन थे।शाहजहां के लिए जो भी खाना बनाया जाता था उन सभी को पकाने में यमुना के पानी का इस्तेमाल किया जाता था। शाहजहां को आम खाना बहुत पसंद था।

औरंगजेब

अब बात करते हैं इतिहास के सबसे क्रूर शासकों में से एक औरंगजेब के बारे में। उनके व्यक्तित्व और उनके खान-पान में जमीन आसमान का अंतर था। कठोर स्वभाव के औरंगजेब को शाकाहारी खाना पसंद था।चावल से बनी हुई पकवानों को खाना उन्हें बेहद पसंद था। इसके अलावा राजमा, सूखे अखरोट, तुलसी और बादाम से तैयारी की गई Qubooli बिरयानी वे बहुत खाते थे।