14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तो यह है अमूल के पैकेट पर बनी लड़की की तस्वीर की सच्चाई, ब्रेकफॉस्ट से डिनर तक रहती है मौजूद

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि अमूल गर्ल की रचनात्मकता और बेबाक बोल की चर्चा भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है।

2 min read
Google source verification

image

Neeraj Tiwari

Nov 27, 2018

amul

तो यह है अमूल के पैकेट पर बनी लड़की की तस्वीर की सच्चाई, ब्रेकफॉस्ट से डिनर तक रहती है मौजूद

नई दिल्ली। 1950 का दशक वो दौर था जब भारत को आजादी मिली थी और भारत देश दुनिया के बीच खुद को स्थापित करने में लगा था। ऐसे में डॉ. वर्गिस कुरियन ने भारत की अर्थव्यवस्था को पंख लगाने दूध उत्पादन के बारे में सोचा, जिसके चलते भारत में व्‍हाइट रिवॉल्‍यूशन आया। बाद में उन्होंने मिल्क प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी अमूल की शुरुआत की, जिसने थोड़े समय में ही हर घर के किचन में अपनी खास जगह बना ली। इस सक्सेस के पीछे अमूल के पैकेट पर बनी लड़की की कहानी भी बहुत खास है।

आज भारत दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है और इसका पूरा श्रेय डॉ. वर्गिस कुरियन तो जाता है, जिन्हें दुनिया मिल्‍कमैन ऑफ इंडिया और फादर ऑफ व्‍हाइट रिवॉल्‍यूशन इन इंडिया जैसे नामों से जानती है। ऐसे में जब बात डॉ कुरियन की हो रही हो और अमूल गर्ल की न हो। ऐसा हो ही नहीं सकता है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि अमूल गर्ल की रचनात्मकता और बेबाक बोल की चर्चा भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है।

ऐसी है अमूल गर्ल की कहानी

अमूल बटर की शुरूआत साल 1956 में हुई थी। लेकिन अमूल को पॉल्सन गर्ल नाम की एक कंपनी से कड़ी टक्कर मिल रही थी। शुरूआत के 10 साल बाद भी जब अमूल को बाजार में कोई खास महत्व मिलना नहीं शुरू हुआ तो कंपनी ने एक नया तरीका निकाला और एड बनाने वाली एक एजेंसी एडवपटाइजिंग एंड सेल्स प्रमोशन (ASP) को अमूल का एक मस्कट तैयार करने को कहा। इसको बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखा गया कि यह विज्ञापन महिलाओं को पसंद आए। बस फिर क्या था कंपनी ने इस नए विज्ञापन के लिए एक लड़की को चुना और देखते ही देखते अमूल गर्ल लोगों को पसंद आने लगी, जिससे सीधे तौर पर प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ गई।

इस बजह से आज भी खास है कंपनी

साल 2012 में डॉ कुरियन का निधन होने के बाद भी यह एड उसी लड़की के थीम पर चल रहा है। खास बात यह है कि किसी भी प्रोडक्ट को अपने उपभोक्ता की रीच में बने रहने के लिए अपने विज्ञापनों में नयापन लाने की जरूरत होती है। ऐसे में अब यह कंपनी हर हफ्ते चार से पांच नए विज्ञापन शेयर करती है। इन विज्ञापनों के निर्माण के समय इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि वह देश में चल रहे वर्तमान मुद्दों से प्रेरित हो, जिससे सभी वर्गों को इससे कनेक्ट किया जा सके।