3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस तानाशाह ने कुत्ते को किया था बैन, महिलाओं के मेकअप को लेकर बनाया था ऐसा कानून

दुनिया में कई तानाशाह हुए जिनके शासनकाल में काफी सख्त कानून रहे। ऐसा ही एक तानाशाह मध्य एशिया में स्थित देश तुर्कमेनिस्तान का था जिसका नाम सपरमुरत नियाजोव था। इस तानाशाह ने तुर्कमेनिस्तान पर दो दशकों तक शासन किया और अजीबोगरीब कानून बनाए। साल 2006 में सपरमुरत नियाजोव का निधन हो गया था, लेकिन जब तक वह जिंदा रहा उसके बनाए गए कानून का लोग पालन करते थे। आइए जानते हैं तानाशाह सपरमुरत नियाजोव के बनाए गए अजीबोगरीब कानून के बारे में...

3 min read
Google source verification
1.png

दुनिया में कई तानाशाह हुए जिनके शासनकाल में काफी सख्त कानून रहे। ऐसा ही एक तानाशाह मध्य एशिया में स्थित देश तुर्कमेनिस्तान का था जिसका नाम सपरमुरत नियाजोव था। इस तानाशाह ने तुर्कमेनिस्तान पर दो दशकों तक शासन किया और अजीबोगरीब कानून बनाए। साल 2006 में सपरमुरत नियाजोव का निधन हो गया था, लेकिन जब तक वह जिंदा रहा उसके बनाए गए कानून का लोग पालन करते थे। आइए जानते हैं तानाशाह सपरमुरत नियाजोव के बनाए गए अजीबोगरीब कानून के बारे में...

2.png

साल 1992 में सपरमुरत नियाजोव को तुर्कमेनिस्तान केराष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। जिसके बाद उसने खुद को देश में रहने वाले हर नागरिक का नेता घोषित कर दिया था। इसके साथ ही उसने देश में अपनी एक स्वर्ण प्रतिमा भी स्थापित कराई थी।

3.png

सपरमुरत नियाजोव को कुत्ते बिल्कुल पसंद नहीं थे। इसलिए उसने साल 2003 में देश की राजधानी अश्गाबात में कुत्तों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसका कारण था कि उसने एक फूल को अपना नाम दिया था। वह नहीं चाहता था कि कुत्तों की बदबू से फूलों की खुशबू बर्बाद हो।

4.png

साल 2004 में नियाजोव ने एक अजीबोगरीब नियम बना दिया। इस नियम के मुताबिक, न्यूज रीडर्स, प्रोग्राम होस्ट लाइव टीवी पर मेकअप नहीं कर सकती थीं। वह चाहता था कि महिलाएं नेचुरल लुक में ही दिखे।

5.png

तानाशाह नियाजोव ने देश के सभी मीडिया को फरमान जारी किया था कि वो खबरों में संक्रामक बीमारियों के बारे में चर्चा नहीं कर सकते। उसने एड्स, हैजा, सर्दी-जुकाम तक की न्यूज दिखाने पर रोक लगा दी थी।

6.png

नियाजोव को मंत्रियों और अधिकारियों के स्वास्थ्य की चिंता होने लगी तो उसने 37 किलोमीटर लंबी सीढ़ी बनवा दी। साथ ही एक नियम बनाया कि हर साल एक बार राजधानी में रहने वाले सभी लोग सीढ़ी पर चढ़कर टॉप पर जाएंगे। हालांकि ये नियम उसने खुद पर लागू नहीं किया।

7.png

इसके अलावा नियाजोव ने लोगों को दांतों को मजबूत बनाने के लिए हड्डियां चबाने की सलाह दी थी। उसने तरबूज और खरबूजा खाने के लिए दिन तय किया था। इसके अलावा वह हर किसी को अपनी जीवनी पढ़ाता था। लोगों को पढ़ना ही नहीं होता था, उन्हें शनिवार को टेस्ट भी देना पड़ता था।